बहराइच। तराई में ठिठुरन और गलन से लोग बेहाल हैं। मौसम विशेषज्ञों की मानें तो दो दिन में घने कोहरे का सामना करना पड़ सकता है। अलाव अब तक नहीं जल सके हैं।
जबकि प्रशासनिक अधिकारी निरंतर अलाव जलने का दावा कर रहे हैं। लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
जिले में मौसम का मिजाज दिनोंदिन बदल रहा है। बुधवार सुबह धुंध और हल्के कोहरे में लिपटी रही। सुबह घर से निकलने वाले लोगों को ठिठुरन का एहसास हुआ।
सुबह आठ बजे चटक धूप निकली, जिससे लगा कि मौसम सामान्य रहेगा, लेकिन तेज पछुवा हवा पूरे दिन चली। जिससे घर से निकलने वाले लोगों को सिहरने को मजबूर होना पड़ा।
लोग गर्म कपड़े में भी कांपते दिखे। शाम चार बजे धूप कम होने के बाद ठिठुरन और गलन से जनजीवन अस्तव्यस्त दिखा।
फसल अनुसंधान केंद्र के मौसम वैज्ञानिक आरके श्रीवास्तव ने बताया कि अधिकतम तापमान 22 डिग्री व न्यूनतम तापमान छह डिग्री सेल्सियस पर स्थिर रहा।
तेज धूप के बावजूद पछुवा हवा चली। इससे मौसम जस का तस बना रहा। आगामी दो से तीन दिन में घने कोहरे का सामना करना पड़ सकता है।
मौसम वैज्ञानिक आरके श्रीवास्तव ने बताया कि पहाड़ों पर निरंतर बर्फबारी हो रही है। पहाड़ों से होकर गुजरने वाली पछुवा हवा तराई को ठंडा बनाए हैं।