बहराइच/उर्रा। भारी वर्षा से घाघरा और सरयू नदियां उफान पर आ गई हैं। घाघरा का जलस्तर दो सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। एल्गिन ब्रिज पर नदी खतरे के निशान से 16 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है।
मिहींपुरवा का छंगापुरवा गांव बाढ़ की चपेट में आ गया है। गिरगिट्टी गांव में कटान से आठ ग्रामीणों के मकान नदी में समाहित हो गए हैं। बाढ़ चौकियों को भी अलर्ट किया गया है। बैराजों का भी जलस्तर बढ़ने लगा है।
तराई में बुधवार रात से हो रहे भारी वर्षा के साथ ही नेपाल के पहाड़ों पर भी झमाझम बरसात हो रही है। इसका असर नदियों पर देखने को मिल रहा है।
घाघरा नदी का जलस्तर अचानक तेजी से बढ़ने लगा है। एल्गिन ब्रिज पर गुरुवार शाम पांच बजे घाघरा का जलस्तर 106.236 मीटर रिकॉर्ड हुआ।
केंद्रीय जलायोग संस्थान घाघराघाट के मुताबिक नदी का जलस्तर दो सेंटीमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से बढ़ रहा है। महसी, कैसरगंजऔर मिहींपुरवा तहसील क्षेत्रों में नदी के किनारे बसे गांवों के ग्रामीण दहशत में आ गए हैं।
मिहींपुरवा में तो घाघरा उफान पर आ गई है। यहां छंगापुरवा गांव निवासी उफनाई घाघरा के पानी से घिर गया है। गांव निवासी कमला, छंगा, सूरजलाल, बैजनाथ, हीरालाल, विजय कुमार, राजेंद्र, रामनरेश, बहादुर, जगदीश, मिश्री, लायकराम, मोहन, प्रह्लाद, तीरथराम, रामआधार समेत 16 परिवार फंसे हुए हैं।
गिरगिट्टी निवासी मेवालाल यादव, बनवारी लाल, दादाराम, बद्री, काशी, हरी, मौजीलाल, मुंशीलाल के मकान नदी की कटान में समाहित हो गए।
महसी क्षेत्र में भी कटान से लगभग 60 बीघा खेती योग्य जमीन नदी में समाहित हुई है। महसी में गोलागंज, कोठार, नईबस्ती, पिपरी गांव नदी के निशाने पर है।
शिवपुर विकास क्षेत्र में सरयू नदी भी उफान पर है। यहां भी तेज कटान हो रही है। मिहींपुरवा क्षेत्र में हो रही कटान के मामले में उप जिलाधिकारी कीर्ति प्रकाश भारती का कहना है कि कटान व नदी के उफान की सूचना मिली है।
सप्ताह भर में दूसरी बार उजड़े ग्रामीण
छंगापुरवा गांव में सोमईगौढ़ी के तनाजा गांव के बाढ़ पीड़ितों को बसाया गया था। सभी को लगा था कि जिंदगी हंसीखुशी कटेगी, लेकिन गुरुवार को अचानक नदी के उफान से सभी के अरमानों पर पानी फिर गया।