बहराइच। भेदभाव तथा उत्पीड़न बंद करने की मांग को लेकर बीते गुरुवार की देर शाम इंदिरा स्टेडियम से 14 संघठनों ने मिलकर एक कैंडल मार्च निकाला। वीआईपी संघ के बैनर तले निकाले गए इस विरोध मार्च की समाप्ति पर राष्ट्रपति को संबोधित एक मांगपत्र भी जिला प्रशासन के माध्यम से प्रेषित किया गया। कैंडिल मार्च में शामिल कार्यकर्ता डिघिया तिराहा, छावनी चौराहा, घंटाघर, पीपल तिराहा होते हुए अंबेडकर पार्क पहुंचे। इस अवसर पर प्रदर्शनकारी संविधान सुरक्षा की गारंटी, प्रत्येक जातियों की गणना कराने, सरकारी संस्थानों का निजीकरण बंद करने, लेटरल इंट्री पर रोक लगाने,देश की महिलाओं, एससी, एसटी, ओबीसी तथा धार्मिक अल्पसंख्यकों की सुरक्षा, संरक्षा व अधिकारों के किया जा रहा भेदभाव तथा उत्पीड़न बंद करने की मांग कर रहे थे।
संरक्षक रामेश्वर पवन ने कहा कि संविधान भारतीयों के लिए राष्ट्रीय धर्म ग्रंथ है। संविधान की शपथ लेकर महत्वपूर्ण पदों पर आसीन लोग संविधान के विपरीत कार्य कर रहे हैं, जो लोक कल्याणकारी लोकतंत्र के लिए बहुत ही घातक है। प्रगतिशील विश्व मौर्य परिषद के जिलाध्यक्ष आशीष कुमार मौर्य ने भी महिलाओं, एससी, एसटी, ओबीसी तथा धार्मिक अल्पसंख्यकों के हित की सुरक्षा की मांग की।