बहराइच। कलेक्ट्रेट स्थित धरनास्थल के बाहर शनिवार को लेखपालों ने हड़ताल करते हुए प्रदर्शन किया। इस दौरान लेखपालों ने धरनास्थल का गेट बंद किए जाने पर आक्रोश भी जताया। उधर, प्रशासन ने देर रात लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष व जिला मंत्री समेत 14 और लेखपालों की बर्खास्तगी का आदेश जारी कर दिया। हालांकि शनिवार देर शाम सोशल मीडिया पर एक पत्र वायरल होने से उहापोह की स्थिति बनी रही।
उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर जिले की छह तहसीलों के 285 लेखपाल आंदोलन कर रहे हैं। लेखपालों की हड़ताल को देखते हुए प्रशासन की ओर से शुक्रवार को धरनास्थल पर ताला जड़ दिया गया। शनिवार को भी ताला नहीं खोला गया। इससे आक्रोशित लेखपाल धरनास्थल के बाहर ही जमीन पर धरने पर बैठ गए और नारेबाजी कर प्रदर्शन किया।
जिलाध्यक्ष जयराज सिंह व जिला मंत्री त्रियुगीनरायन शुक्ला ने कहा कि लेखपालों का उत्पीड़न सरकार चाहे जितना कर ले, अब वह झुकने वाले नहीं हैं। अगर सरकार ने उनकी मांगों को पूरा नहीं किया तो लेखपाल काम पर वापस नहीं लौटेंगे। उधर, प्रशासन की ओर से की गई कार्रवाई के विरोध में लेखपालों में आक्रोश भी दिखाई दिया।
मुख्य राजस्व अधिकारी प्रदीप यादव ने बताया कि जिलाध्यक्ष व जिला मंत्री समेत 14 लेखपाल और बर्खास्त किए गए हैं। अब तक 24 लेखपालों की बर्खास्तगी की कार्रवाई की जा चुकी है। प्रदर्शन के दौरान आशुतोष मिश्रा, रोहित शुक्ला, महेंद्र मिश्रा, सुनील अवस्थी, कमलेश शुक्ला, मुकेश यादव, दीपिका दीक्षित, रचना यादव, मधु पांडेय, आशीष कुमार, अवधेश पांडेय, राजन पांडेय, जितेंद्र मिश्रा, महेश शुक्ला, सरवर अली, अनोखे यादव, विमल तिवारी आदि मौजूद रहे।