उफनाई घाघरा नदी के जलस्तर में मामूली गिरावट के साथ कटान तेज हो गई है। कटान के चलते गोलगंज और कायमपुरवा में 14 मकान व दो सौ बीघा खेत नदी में समा गए हैं। महसी और कैसरगंज के 17 गांव बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं। राहत व बचाव कार्य नाकाफी साबित हो रहे हैं।
उफनाई घाघरा का विकराल रूप सामान्य नहीं हो रहा है। गुरुवार को एल्गिन ब्रिज पर नदी खतरे के निशान से 67 सेंटीमीटर ऊपर 107.746 मीटर पर बह रही है। केंद्रीय जल आयोग संस्थान घाघराघाट के मापक जगदीश साहनी ने बताया कि धीमी गति से जलस्तर में कमी आ रही है।
इसी के चलते तहसी और कैसरगंज तहसील क्षेत्र के 17 गांव पूरी तरह बाढ़ की जद में हैं। इनमें कैसरगंज के पांच और महसी तहसील के 12 गांव शामिल हैं। गांव में बाढ़ का पानी भरा होने से लोग परेशान हैं। उधर जलस्तर में गिरावट के चलते कटान भी तेज हो गई है।
नदी इस समय गोलगंज और कायमपुरवा में कटान कर रही है। गोलागंज निवासी मूलचंद्र, पुत्तीलाल, गंगाराम और कायमपुर निवासी रामकुमार, फूलकुमार, श्यामलाल, छंगा समेत 14 लोगों के आशियाने नदी की लहरों में समा गए।
कायमपुरवा निवासी कोयली, पाटन, राजाराम, उत्तम प्रसाद, पारसराम, बुद्धी लाल, दीन दयाल, पताली और त्रिलोकी की 190 बीघा खेत भी नदी में समाहित हो चुके हैं। इसके बावजूद अभी तक कटान रोकने के उपाय नहीं हुए हैं।