बहराइच। सरकार ने 30 जून से खनन बंद करा दिया है। इसके बाद भी नदी के कछार और गांवों में खेत से बालू खनन का सिलसिला जारी है। खनन पट्टे भी रद्द हो चुके हैं। अब खनन माफिया इसी का फायदा उठाते हुए औने-पौने दामों पर बालू बेचने में जुटे हैं।
बहराइच में जिला खनन समिति की ओर से छह स्थानों पर खनन के पट्टे जारी किए गए थे। जनपद के तपेसिपाह में दो खनन पट्टे, महसी के भौंरी, नानपारा में तीन पट्टे संचालित हो रहे थे। सरकार की ओर से बरसात शुरू होने के बाद 30 जून से खनन पट्टों को प्रतिबंधित कर दिया है।
फिर भी जिले में अवैध खनन का सिलसिला जारी है। रामगांव थाना क्षेत्र में ही कई स्थानों पर धड़ल्ले से खनन हो रहा है। थाने के सामने गाड़ियां गुजरने के बाद भी पुलिस कोई कदम नहीं उठा रही है। रिसिया थाना क्षेत्र के मोहमदा नाला, हुजूरपुर के देवीदासपुर, जरवलरोड में घाघरा के कछार व महसी समेत अन्य स्थानों पर अवैध खनन हो रहा है।
इसे रोकने में खनन विभाग पूरी तरह से विफल साबित हो रहा है। प्रशासन की ओर से अवैध खनन रोकने के लिए कोई चेकिंग अभियान भी नहीं चलाया जा रहा है।
चार डंपिंग यार्ड बनाए गए
जिले के लोगों को निर्माण कार्यों के लिए बालू की उपलब्ध कराने के उद्देश्य से चार स्थानों पर डंपिंग यार्ड बनाए गए हैं। खनन निरीक्षक विकास सिंह ने बताया कि जरवल के तपेसिपाह, महसी के थैलिया, मिहींपुरवा के परवानीगौढ़ी तथा बौंडी के कोदही गांव में डंपिंग यार्ड का लाइसेंस जारी किया गया है। 20 रुपये वर्ग फीट के रेट पर बालू बेचने की अनुमति है। इससे अधिक दाम वसूलने पर कार्रवाई की जाएगी।
अभी तक किसी भी स्थान पर अवैध खनन की जानकारी नहीं है। जिन स्थानों पर अवैध खनन हो रहे थे, उन सभी स्थानों पर छापेमारी कर खनन बंद करा दिया गया है। अब मामला जानकारी में आया है। एक बार फिर छापेमारी अभियान चलाया जाएगा। -आरएस वर्मा, एडीएम