दो शावकों के साथ गांव पहुंची तेंदुआ
हरदी (बहराइच)। सदर रेंज अंतर्गत एक मादा तेंदुआ अपने दो शावकों के साथ शुक्रवार सुबह रेंहुआ मंसूर गांव के निकट पहुंच गई। ग्रामीणों ने घेराबंदी कर एक शावक को पकड़ लिया। तेंदुआ अपने दूसरे शावक के साथ पास के गन्ने के खेत में घुस गई।
वन विभाग के अधिकारियों ने मादा तेंदुए की तलाश में कांबिग शुरू की और पिंजरा भी लगा दिया है। वहीं पकड़े गए शावक को चिकित्सीय परीक्षण के बाद लखनऊ चिड़िया घर भेज दिया गया है। बहराइच वन प्रभाग के रेहुआ मंसूर गांव के ग्रामीण शुक्रवार सुबह 10 बजे के आसपास खेतों की ओर जा रहे थे।
इसी दौरान गांव से 200 मीटर की दूरी पर मादा तेंदुआ दो शावकों के साथ दिखाई पड़ी। ग्रामीणों ने शोर मचाकर घेराबंदी की, तो मादा तेंदुआ एक शावक के साथ लज्जाराम मिश्र के गन्ने के खेत में छुप गई, जबकि दूसरा शावक भटक कर भीड़ की तरफ जा पहुंचा।
इस पर गांव निवासी राजकुमार ने शावक को पकड़ लिया। भटके शावक के लिए मादा तेंदुआ खेत में दहाड़ती रही पर भीड़ देखकर बाहर नहीं आई। सूचना पाकर वन क्षेत्राधिकारी डीके सिंह, वन दरोगा दीपक कुमार सिंह, वन रक्षक प्रताप सिंह राणा, अवधेश कुमार ओझा और तैयब मौके पर पहुंचे।
उन्होंने शावक को सुरक्षित अपने कब्जे में ले लिया। वन क्षेत्राधिकारी ने बताया कि मादा तेंदुआ शावक के साथ गन्ने के खेत में मौजूद है। आसपास काफी दूरी में गन्ना लगा हुआ है। इसके चलते उसे पकड़ने में मुश्किल हो रही है। मादा तेंदुआ और उसके शावक को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया गया है।
पकड़े गए शावक का परीक्षण किया गया है, वह लगभग 20 दिन का है। उसे सुरक्षा के बीच लखनऊ चिड़ियाघर भेज दिया गया है। महसी तहसील का रेहुआ मंसूर, रामगांव आदि इलाका सरयू नदी का कछार माना जाता है। यहां आए दिन कतर्नियाघाट सेंक्चुरी से तेंदुए भटक कर आ जाते हैं।
दो माह पूर्व एक तेंदुए को क्षेत्र में पकड़ा गया था। इसके बाद वनाधिकारियों ने तेंदुए के पूरे कुनबे के मौजूद होने की आशंका जतायी थी। शावक के साथ मादा तेंदुए के नजर आने के बाद अधिकारियों की आशंका सच साबित हुई।