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इटहा गांव के तीन कोटेदारों के मामले में प्रमुख सचिव ने तलब की आख्या

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अफसरों के साथ गांव पहुंचे एसडीएम, दर्ज किए बयान
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मटेराचौराहा (बहराइच)। इटहा गांव के ग्रामीणों ने बुधवार को मुख्यमंत्री के जनता दरबार में पहुंचकर गांव के तीन कोटेदारों की मनमानी बयां की। उन्होंने बताया था कि पांच हजार ग्रामीण परेशान हैं, मगर कोटेदार अनाज नहीं दे रहे हैं। इस पर मुख्यमंत्री ने प्रमुख सचिव को कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। प्रमुख सचिव के आदेश पर गुरुवार को एसडीएम, जिला पूर्ति अधिकारी व अन्य अधिकारियों के साथ गांव पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों के बयान दर्ज कर रिपोर्ट शासन को भेजी है। ग्रामीणों ने कोटेदारों द्वारा अनाज वितरित न करने और अभद्रता कर मारपीट करने का आरोप लगाया।
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नानपारा तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत इटहा सबसे बड़ी ग्राम पंचायत है। यहां पर तीन कोटेदारों द्वारा अनाज का वितरण किया जाता है। लगभग पांच हजार पात्र गृहस्थी के कार्डधारक हैं। लेकिन बीते पांच माह से गांव के कार्डधारकों को निर्धारित मात्रा में अनाज का वितरण नहीं किया जा रहा है। इस मामले में ग्रामीणों ने नानपारा तहसील के अलावा जिलाधिकारी व जिला पूर्ति अधिकारी से भी शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इससे परेशान गांव के लोग बुधवार को गांव निवासी शिवकुमार मिश्रा, दिनेश पांडेय, मुनेश्वर, रमाकांत आदि की अगुवाई में मुख्यमंत्री के जनता दरबार में लखनऊ में पहुंचे और कोटेदारों की मनमानी और अधिकारियों के अनसुनी की व्यथा बताई। मुख्यमंत्री ने मौके पर मौजूद प्रमुख सचिव राहुल भटनागर को कार्रवाई के निर्देश दिए। प्रमुख सचिव ने इस मामले में बहराइच जिला प्रशासन को फोन कर 12 घंटे में आख्या तलब की। इसके बाद हड़कंप मचा। सुबह आनन-फानन में उपजिलाधिकारी एसपी शुक्ला, जिला पूर्ति अधिकारी राकेश कुमार अमले के साथ गांव पहुंचे। लगभग तीन घंटे तक ग्रामीणों की व्यथा सुनी। फिर रिपोर्ट शासन को भेजी है। ग्रामीणों ने बयान में कोटेदारों की मनमानी, अभद्रता व निर्धारित मात्रा में अनाज वितरित न करने की शिकायत की है।
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