बहराइच। भाजपा नेता की मंगलवार देर रात सोते समय गोली मारकर हत्या कर दी गई। मौके पर ही भाजपा नेता ने दम तोड़ दिया। हत्या का कारण चचेरे भाई से पैसे के लेनदेन और जमीन का विवाद बताया जा रहा है।
पुलिस ने आरोपी चचेरे भाई को गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू कर दी है। इस मामले में मृतक के भाई की तहरीर पर हत्या का केस दर्ज किया गया है।
रुपईडीहा थाना अंतर्गत बाबागंज कस्बे से कुछ दूरी पर प्रीतमपुरवा गंगापुर गांव है। गांव निवासी वीरेंद्र कुमार मिश्र (40) पुत्र रामखेलावन मंडल के बूथ उपाध्यक्ष व मतदाता प्रमुख थे।
कुछ दिनों पूर्व वीरेंद्र ने चचेरे भाई सर्वेश मिश्रा को 1.40 लाख रुपये उधार दिए थे। पैसा देने के बाद चचेरे भाइयों में जमीन का विवाद शुरू हो गया था। इसे लेकर आए दिन तकरार होती रहती थी।
परिवारीजनों की मानें तो कई बार सर्वेश ने जानमाल की धमकी भी दी थी। मंगलवार रात वीरेंद्र घर के बाहर बरामदे में सो रहे थे। रात 12 बजे के आसपास बरसात शुरू हुई।
उसी समय पड़ोसी चचेरा भाई सर्वेश आ धमका। उसने सो रहे वीरेंद्र पर कट्टे से ताबड़तोड़ कई फायर किए। फायरिंग व चीख की आवाज सुनकर परिवार के लोग दौड़े। तब तक हमलावर सर्वेश भाग खड़ा हुआ।
लहूलुहान वीरेंद्र को रात में ही जिला अस्पताल ले जाने की तैयारी हो रही थी, तभी उसने दम तोड़ दिया। सर्वेश के गोली मारने की बात वीरेंद्र ने परिवारीजनों को बताई।
घटना की सूचना पाकर रात में एक बजे थानाध्यक्ष आलोक राव भी दलबल के साथ मौके पर पहुंच गए। उन्होंने शव को कब्जे में लेकर रात में ही घेराबंदी कर हमलावर सर्वेश को दबोच लिया।
सुबह पुलिस अधीक्षक सभाराज, अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण रवींद्र कुमार सिंह, सीओ वीपी सिंह भी मौके पर पहुंचे। फिंगर प्रिंट विशेषज्ञों को भी बुलाया गया।
एसपी ने बताया कि मृतक के भाई अशोक मिश्रा की तहरीर पर चचेरे भाई सर्वेश के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। आरोपी सर्वेश हिरासत में है। पूछताछ की जा रही है।
काफी मिलनसार था वीरेंद्र
गांव के लोग घटना के बाद से स्तब्ध हैं। ग्रामीणों ने बताया कि वीरेंद्र काफी मिलनसार था। लेकिन वीरेंद्र द्वारा दिए गए रुपये और जमीन पर सर्वेश की नियति बिगड़ गई थी।
बिलख रही पत्नियां और बच्चे
वीरेंद्र की दो पत्नियां हैं। पति की मौत के बाद पत्नी रेखा व मधू देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। पिता की मौत के बाद बच्चे भी बेहाल हैं। पत्नी मधू से छह माह की बेटी श्वेता को तो यह भी नहीं पता कि उसके सिर पर पिता का साया उठ चुका है।