बहराइच। जिला पंचायत सदस्य के चुनाव में महज 17 प्रत्याशी ही ऐसे रहे हैं, जो जीतने वाले उम्मीदवारों के सामने अपनी जमानत बचा सके हैं। अन्य 1137 प्रत्याशियों की पंचायत चुनाव में जमानत ही जब्त हो गई है।
ऐसे में कई कद्दावर नेता के पुत्र व समर्थक भी शामिल हैं। ऐसे में पंचायत चुनाव से जनता ने कुर्सी हासिल कर उनकी अनदेखी करने वालों को एक नया संदेश दिया है।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के पहले चरण में जनपद की 64 जिला पंचायत सदस्य सीटों पर चुनाव कराया गया था। इसमें 1218 प्रत्याशी चुनाव मैदान में कूदे थे।
जनता के सामने वोट पाने के लिए खूब मिन्नतें भी की गई थीं लेकिन पंचायत चुनाव के परिणाम मतपेटिकाओं के खुलने के साथ ही सामने आने पर लोगों को चौंकने के लिए मजबूर होना पड़ गया।
पंचायत चुनाव में वार्ड नंबर दो, वार्ड नंबर तीन, वार्ड नंबर 39, 43,18, 23, 47, 48, 52, 54, 55, 58, 59, 60, 61 व 63 से महज एक-एक प्रत्याशी ही अपनी जमानत बचा पाए। जबकि अन्य 1137 प्रत्याशियों की पंचायत चुनाव में जमानत ही जब्त हो गई है।
जमानत जब्त होने वाले प्रत्याशियों में पूर्व मंत्री अक्षयबर लाल गोंड के पुत्र आनंद गोंड व पुत्रवधू, पूर्व विधायक वारिस अली के भाई हकीकत अली, राज्यमंत्री बंशीधर बौद्ध की पुत्रवधू लक्ष्मी समेत अन्य कई अहम लोग शामिल रहे हैं।
पंचायत चुनाव के इस नए उलटफेर से राजनीति में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। इन प्रत्याशियों की जमानत जब्त होने से जनता ने संदेश भी दिया है कि पंचायत में जनता की समस्याओं को प्रमुखता से उठाने वाले जनप्रतिनिधि ही आगे से राजनीति के मैैैदान में डटे रह सकेंगे।