उर्रा (बहराइच)। मधवापुर गांव के ग्रामीण आर्सेनिक युक्त पानी का प्रयोग काफी दिनों से कर रहे थे। इसकी रिपोर्ट जल निगम ने शासन को भेजी थी। रिपोर्ट पर शासन ने गांव में तीन आर्सेनिक रिमूवल प्लांट (एआरयू) केंद्र स्थापना को हरी झंडी देते हुए बजट मंजूर कर दिया है।
जल निगम ने निर्माण कार्य शुरू करा दिया है। दो माह में निर्माण कार्य पूरा होने की उम्मीद है। प्लांट की स्थापना से 22 गांवों की 15 हजार की आबादी लाभान्वित होगी। सभी को स्वच्छ जल मुहैया हो सकेगा।
जिले के मिहींपुरवा विकासखंड की कई ग्राम पंचायतों में आर्सेनिक युक्त पानी का प्रयोग कर ग्रामीण बीमार हो रहे हैं। अति तराई क्षेत्र होने के कारण यहां के 70 प्रतिशत लोग हैंडपंप का पानी सीधे प्रयोग करते है।
दूषित पानी होने के कारण लोग निरंतर बीमार हो रहे है। अब तक तीन ग्रामीणों की जलजनित बीमारियों से मौत भी हो चुकी है। जंगल व सरयू नदी से सटे मधवापुर ग्राम पंचायत की स्थिति काफी खराब है।
यहां पर भूमिगत जल में बड़े पैमाने पर आर्सेनिक है। इसकी रिपोर्ट जल निगम ने शासन को भेजी थी। ग्राम पंचायत में आर्सेनिक रिमूवल प्लांट स्थापना की सिफारिश की थी।
शासन ने जल निगम की रिपोर्ट को हरी झंडी देते हुए 33.70 लाख रुपये बजट मंजूर कर दिया है। जल निगम के अधीक्षण अभियंता आरबी राम ने बताया कि निर्माण कार्य का बजट मिल गया है। निर्माण कार्य भी शुरू कर दिया गया है।
इस बजट से ग्राम पंचायत में तीन स्थानों पर आर्सेनिक रिमूवर यूनिट (एआरयू) का निर्माण होगा। ग्राम प्रधान राजेश कुमार सिंह ने बताया कि प्लांट स्थापना से गांव के 22 मजरों की 15 हजार की आबादी लाभान्वित होगी।
इससे पानी के प्रयोग से होने वाली बीमारियों से ग्रामीणों को छुटकारा मिलेगा। साथ ही पड़ोस के गांव के ग्रामीणों को भी फायदा मिलेगा।
दो महीने में पूरा होगा काम
मधवापुर ग्राम पंचायत के ग्राम जमुनापुर, कोलियाहार व गांव में स्थित अशोक लाट के पास यूनिट का निर्माण होगा। इसके निर्माण पूरा होने में लगभग दो माह का समय लगेगा।
तीन प्लांट को सौर ऊर्जा से संचालित किया जाएगा। प्लांट संचालन में बिजली की कोई आवश्यकता नहीं है। धूप निकलने पर प्लांट का संचालन शुरू हो जाएगा और धूप जाने पर प्लांट स्वयं बंद हो जाएगा।
-आरबी राम, अधीक्षण अभियंता, जल निगम