बहराइच। समायोजित शिक्षकों के कार्य बहिष्कार से जिले के 70 फीसदी प्राथमिक विद्यालयों में गुरुवार को ताले लटके रहे। छात्र स्कूल पहुंचे, लेकिन ताला लगा होने से लौट गए। जो स्कूल खुले, वहां भी सिर्फ औपचारिकता निभाई गई। शिक्षकों की कमी से पठन-पाठन बाधित रहा।
अब तक कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं हो सकी है। जिससे बुनियादी शिक्षा पूरी तरह चरमरा गई है। जिले के 14 विकासखंडों में 2470 प्राथमिक विद्यालय स्थापित हैं। इन स्कूलों में 3247 शिक्षामित्रों की तैनाती थी। इन शिक्षामित्रों को पूर्ववर्ती सरकारों ने दूरस्थ बीटीसी की ट्रेनिंग करवाई।
इनमें से 2400 शिक्षामित्रों को दो चक्रों में सहायक अध्यापक के पद पर समायोजित कर दिया गया। 847 शिक्षामित्र शेष थे। तभी मामला हाईकोर्ट व सुप्रीमकोर्ट पहुंचा। सुप्रीम कोर्ट द्वारा दो दिन पूर्व दिए गए फैसले में सहायक अध्यापक के पद पर समायोजित शिक्षामित्रों का समायोजन रद्द कर दिया गया।
इसके कारण प्रदेश के साथ जिले के भी शिक्षामित्र आंदोलित हो उठे। गुरुवार को कार्य बहिष्कार से जिले के 70 फीसदी प्राथमिक विद्यालयों में ताला लटकता रहा। छात्र स्कूल पहुंचे, लेकिन बैरंग लौटने को मजबूर रहे। वहीं जिन स्कूलों में ताले खुले, वहां पर भी शिक्षामित्रों के कार्य बहिष्कार से शिक्षकों की कमी के कारण पठन-पाठन व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित रही।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. अमरकांत सिंह ने बताया कि समायोजन रद्द होने के बाद से शिक्षामित्र आंदोलित हैं। इससे कुछ विद्यालयों में तालाबंद होने की स्थिति बनी है। इस मामले में खंड शिक्षा अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी गई है। शासन को भी पत्र भेजा गया है। पठन-पाठन प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा।
अध्यापकों के न आने से पढ़ाई चौपट
विकासखंड रिसिया के प्राथमिक विद्यालय भौखारा में समायोजित शिक्षक रूबी इंचार्ज थीं। इसके साथ ही सहायक अध्यापक के पद पर आशीष श्रीवास्तव और वंदना की तैनाती है। सभी हड़ताल पर रहे। चरसंडामाफी में भी ताला लटकता मिला।
यहां पर सहायक शिक्षिका संगीता, शिक्षामित्र संजय आदि की तैनाती है। विशेश्वरगंज के बेड़नापुर प्राथमिक विद्यालय में ताला लटकता रहा। पठन-पाठन पूरी तरह ठप रहा। विकासखंड चित्तौरा के प्राथमिक विद्यालय बेरिया में पढ़ाई ठप रही। छात्र सुबह स्कूल पहुंचे, लेकिन ताला न खुलने पर वापस लौट गए।
प्राथमिक विद्यालय शिवपुर में भी पठन-पाठन कार्य पूरी तरह ठप रहा। यह स्कूल सिर्फ बानगी हैं। इसी तरह अन्य विकासखंडों में भी जहां पर शिक्षामित्र इंचार्ज हैं, वह स्कूल पूरी तरह बंद रहे।