तराई व नेपाल के पहाड़ों पर दो दिन से रुक-रुक कर हो रही बारिश के चलते घाघरा नदी का जलस्तर फिर बढ़ने लगा है। इसके साथ ही कटान तेज हो गई है। महसी क्षेत्र के कहारनपुरवा और धोबिनपुरवा गांव में कई मकान नदी के निशाने पर हैं। शुक्रवार रात से 11 मकान और 210 बीघा खेत नदी में समा चुके हैं। अचानक तेज हुई कटान से ग्रामीण दहशत में हैं।
तराई व नेपाल के पहाड़ों पर कई दिन बाद फिर वर्षा का दौर शुरू हो गया है। इसके चलते घाघरा नदी के जलस्तर में भी इजाफा होने लगा है। जलस्तर बढ़ने के साथ ही कटान तेज हुई है। महसी तहसील क्षेत्र में कहारनपुरवा और धोबिनपुरवा गांव में नदी की लहरें कटान करने लगी हैं।
कहारनपुरवा निवासी जगदम्बा, ढोढ़े, जगदीश, श्रीराम, बदलू समेत छह लोगाें के आशियाने नदी की लहरों में समा गए। वहीं धोबिनपुरवा में चंद्रिका, राधेश्याम समेत पांच लोगों के मकान कटान में समाहित हुए हैं। नदी के उस पार बसे बरुआ बेहड़ व आसपास के गांवों के निकट खेती योग्य जमीन भी तेजी से नदी की लहरों में विलीन हो रही है।
ग्रामीणों के मुताबिक शुक्रवार रात करीब 210 बीघा खेत कटान की भेंट चढ़ चुके हैं। अचानक कटान शुरू होने से घबराए ग्रामीण गृहस्थी समेटकर फिर सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करने लगे हैं। ग्राम प्रधान ओंकार सिंह ने बताया कि कटान की सूचना तहसील को दी गई लेकिन कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा है।
इससे गांव के लोग दहशत में हैं। उधर एडीएम विद्याशंकर सिंह का कहना है कि क्षेत्रीय लेखपाल कटान प्रभावित इलाकों का भ्रमण कर जानकारी एकत्र कर रहे हैं। सूची मिलने के बाद मुआवजा प्रदान किया जाएगा।