मोतीपुर व महसी तहसील के अलग-अलग गांव में लगी आग से 11 मकान जलकर राख हो गए। महसी में एक मवेशी की झुलसकर मौत हुई है। ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। लेकिन तब तक सभी मकानों में रखा सामान जलकर राख हो गया। राजस्वकर्मियों ने रिपोर्ट तहसील भेज दी है। लगभग 10 लाख से अधिक के नुकसान की आशंका है। आग के कारण 11 परिवारों के 90 लोग खुले आसमान तले रहने को विवश हैं।
पारा बढ़ने के साथ आग की घटनाएं बढ़ने लगी हैं। मोतीपुर तहसील क्षेत्र के ग्राम मझरा के कस्बातीपुरवा गांव निवासी सीताराम के मकान में गुरुवार रात 11.30 बजे के आसपास अज्ञात कारणों से आग लग गई। सीताराम परिवारीजनों के साथ घर के बाहर निकले। उन्होंने शोर मचाया। लेकिन तब तक लपट ने पड़ोसी सुरेश, रामआशीष, राजकरन, रमेश, बांकेलाल, पटवारी के मकानों को आगोश में ले लिया। देखते ही देखते सभी ग्रामीणों के मकान धू-धू कर जल गए।
ग्रामीणों ने एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। लेकिन मकान में रखी पूरी गृहस्थी जलकर राख हो गई। ग्रामीण दाने-दाने को मोहताज हो गए। अग्निकांड की सूचना पाकर तहसीलदार केशवराम तथा लेखपाल सीताराम ने गांव पहुंचकर अग्निकांड का मुआयना कर रिपोर्ट तहसील को भेज दी है। यहां आठ लाख रुपये से अधिक की संपत्ति का नुकसान हुआ है। उप जिलाधिकारी बाबूराम ने बताया कि जल्द ही अग्निकांड पीड़ितों को मुआवजा दिलाया जाएगा।
महसी तहसील के जैतापुर गांव निवासी रमेश के मकान में शुक्रवार दोपहर में अचानक आग लग गई। ग्रामीण जब तक आग बुझाने की कोशिश करते, तब तक पड़ोसी राजेंद्र और महाजन के मकान भी जल गए। रमेश की भैंस जलकर मर गई। शोर सुनकर आए ग्रामीणों ने पंपिंग सेट से जल भरकर आग को फैलने से बचाया। लगभग दो लाख रुपये से अधिक की संपत्ति का नुकसान हुआ है। तहसीलदार राजेश कुमार ने बताया कि रिपोर्ट मिली है।