आग की लपटों ने मंगलवार को हुजूरपुर और जरवल विकास खंड में कहर बरपाया। आग लगने से हुजूरपुर क्षेत्र का आधे से अधिक नेवासी गांव खंडहर में तब्दील हो गया, यहां 90 मकान व उनमेें रखा सारा सामान जल गया। आग बुझाने के चक्कर में तीन ग्रामीण झुलस गए, वहीं 55 मवेशी जिंदा जल गए। उधर, जरवलरोड के तीन गांवों में आग लगने से 15 ग्रामीणों के आशियाने राख के ढेर में तब्दील हो गए।
हुजूरपुर विकास खंड क्षेत्र के नेवासी गांव के लोग दोपहर में खेत से लौटकर घर आए थे। कुछ लोग खाना खा रहे थे। तभी गांव निवासी जगदंबा के मकान में अचानक आग लग गई। इस पर परिवारीजनों ने भागकर जान बचाई।
चीख पुकार सुनकर गांव के लोग दौड़े, लेकिन तब तक चल रही तेज पछुवा हवा से लपटें तेजी से फैल गईं और देखते ही देखते गांव के 90 लोगों के आशियाने धधक उठे। इससे गांव में कोहराम मच गया। घरों में मौजूद लोग तो भाग निकले, लेकिन घरों में रखा सामान नहीं निकाल सके। इस दौरान आग की चपेट में आकर अहाते और बरामदों में बंधे मवेशी जिंदा जल गए। इस गांव में 160 मकान हैं, लेकिन 90 आशियाने जलने से गांव खंडहर में तब्दील नजर आ रहा है।
45 बकरियों और आठ गोवंश की जिंदा जलकर मौत हो गई। आग बुझाने के चक्कर में जगदंबा, बाबूलाल और बरसाती झुलस गए। घटना से गांव में कोहराम मचा हुआ है। उधर, जरवलरोड थाना अंतर्गत अलीनगर पांडेयपुरवा में आग लगने से रामचंद्र, बब्बू, गुड्डू, सोनू, मोनू के मकान जल गए। यहां दो मवेशी, पालेसर का कारखाना और पंपिंग सेट जल गया।
वहीं, धनसरी में रामसागर, रामखेलावन, विद्याराम, रामपाल, साबितराम, केशव, पन्नालाल, रामतेज, बृजमोहन समेत नौ ग्रामीणों के आशियाने जल गए। वहीं हरचंदा गांव में सज्जन का मकान भी जल गया। इन सभी स्थानों पर हुए अग्निकांड में अनाज, कपड़ा, बर्तन, जेवर और घरों में रखी नकदी जल गई। एक करोड़ से अधिक के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है।
हुजूरपुर के नेवासी गांव में आग लगने की सूचना ग्रामीणों ने थाने और अग्निशमन विभाग को दी। इसके बावजूद दमकल वाहन डेढ़ घंटे बाद मौके पर पहुंचा। आग इतनी भयावह थी कि दमकल वाहन का पानी भी खत्म हो गया। ग्रामीणों ने पंपिंग सेट चलाकर चार घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग की लपटों पर काबू पाया।
नेवासी गांव में हुए अग्निकांड की सूचना पाकर उपजिलाधिकारी कैसरगंज अमिताभ यादव यादव और तहसीलदार मौके पर पहुंचे। एसडीएम ने बताया कि राजस्वकर्मियों की टीम क्षति के आकलन के लिए लगाई गई है। ग्रामीणों का सारा सामान जल गया है। क्षति का आकलन करने के बाद मुआवजा दिलाने की कार्रवाई की जाएगी।