बहराइच। नानपारा के राजाबाजार पुलिस चौकी के दो दरोगाओं ने अवैध मांस का कारोबार करने के आरोप में एक युवक को घर से उठा लिया। पुलिस चौकी में रातभर पिटाई की। छोड़ने के एवज में घर वालों से एक लाख रुपये की मांग की।
बुधवार सुबह किसी तरह परिवारीजनों ने 25 हजार रुपये का इंतजाम कर युवक को छुड़ाया। पुलिस चौकी से घर पहुंचते ही युवक बेहोश हो गया। युवक के शरीर व नाजुक अंगों पर लाठियों के निशान देख घर वाले सकते में आ गए।
नगर के लोग एकत्रित हो गए। बेहोश युवक को ठेला पर लादकर नारेबाजी करते हुए भीड़ एसडीएम कार्यालय पहुंची। एसडीएम के कार्रवाई के आश्वासन पर सभी शांत हुए। एसपी ने एएसपी को जांच सौंपी है।
कोतवाली नानपारा के नगर क्षेत्र अंतर्गत मोहल्ला कसाई टोला निवासी सलाम ने बताया कि 31 दिसंबर की रात को राजा बाजार पुलिस चौकी के प्रभारी इंचार्ज दुर्गविजय सिंह व उपनिरीक्षक दीपक कुमार उसके घर पर आ धमके।
घर में मांस का अवैध कारोबार होने की बात कहकर पालतू पड़वे के साथ भाई सिराज (30) पुत्र कल्लू को पकड़ ले गए। उसे छोड़ने के एवज में एक लाख की मांग की।
इतना पैसा न दे पाने की बात पर पूरी रात भाई को पीटा। दूसरे दिन भी रह-रह कर पिटाई करते रहे। सलाम का कहना है कि किसी तरह 25 हजार का इंतजाम कर वह बुधवार सुबह चौकी पहुंचा।
तब और पैसे देने की धौंस देते हुए किसी तरह भाई को छोड़ा गया। सिराज को लेकर सलाम घर पहुंचा। आंगन में पहुंचते ही सिराज बेहोश होकर गिर गया।
उसके पीठ व नाजुक अंगों पर लाठियों के निशान देखकर परिवार के लोग सकते में आ गए। नगर क्षेत्र के लोग एकत्रित हो गए। सभी ने राजा बाजार चौकी इंचार्ज और दरोगा के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।
इसके बाद बेहोश सिराज को ठेले पर लादकर भीड़ जुलूस की शक्ल में उप जिलाधिकारी कार्यालय पहुंची। वहां सभी ने एसडीएम कार्यालय के सामने चौकी इंचार्ज और उपनिरीक्षक के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए नारेबाजी कर प्रदर्शन किया।
उप जिलाधिकारी प्रभास कुमार ने बेहोश युवक को तत्काल इलाज के लिए सीएचसी भेजवाया। पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई का आश्वासन देकर आक्रोशित लोगों को शांत किया।
एसडीएम ने तत्काल घटना की सूचना पुलिस अधीक्षक डॉ. गौरव ग्रोवर को दी। एसपी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अपर पुलिस अधीक्षक रवींद्र कुमार सिंह को जांच सौंपी है। एएसपी ने नानपारा पहुंचकर पीड़ित के बयान दर्ज किए।
‘बिना कारण पैसा वसूली का बनाया दबाव’
पीड़ित सिराज ने बताया कि दो दिन तक चौकी में पुलिसकर्मियों ने बंधक बनाकर रखा। जमकर पिटाई की। लेकिन इसकी सूचना कोतवाली को भी नहीं दी। सिर्फ पैसा वसूली के चक्कर में लगे रहे।
दोषी मिलने पर दर्ज होगा केस
एएसपी की रिपोर्ट मिलने के बाद दोषी राजा बाजार चौकी इंचार्ज और उपनिरीक्षक के खिलाफ विभागीय कार्रवाई होगी। पीड़ित की तहरीर मिलने पर केस भी दर्ज कराया जाएगा।
-डॉ. गौरव ग्रोवर, पुलिस अधीक्षक