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महसी और कैसरगंज में फिर सैलाब से मुश्किलें बढ़ी, 113 गांव में घुसा पानी

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राजीचौराहा/जरवलरोड। घाघरा नदी का जलस्तर रात से ही फिर तेजी से बढ़ रहा है। शुक्रवार दोपहर में नदी खतरे के निशान से 62 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गई। उफान से महसी व कैसरगंज के बाढ़ प्रभावित गांव के लोगों की मुश्किले बढ़ गयी हैं। फिर 113 गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है। लगभग 1.45 लाख की आबादी प्रभावित है। बाढ़ चौकियां तो सक्रिय हैं। लेकिन ग्रामीणों के पलायन का सिलसिला फिर तेज हो गया है। पुन: बाढ़ आने से लोग दहशत में हैं। घूरदेवी स्पर से नदी की लहरें टकरा रही हैं। उफान के साथ-साथ कटान भी चल रही है।
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बाढ़ का कहर जिले में थम नहीं रहा। हालात यह हैं कि गुरुवार रात से घाघरा नदी का जलस्तर फिर तेजी से बढ़ रहा है।जिसके चलते नदी खतरे के निशान से 62 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गई है। हालात यह हैं कि नदी के उफान से महसी, कैसरगंज और नानपारा क्षेत्र में फिर कोहराम मच गया है। केंद्रीय जलायोग संस्थान घाघराघाट के जेई नरेंद्र कुमार ने बताया कि एक सेंटीमीटर प्रति सेंटीमीटर की रफ्तार से जलस्तर में इजाफा हो रहा है। उधर सरयू में भी उफान की स्थिति बन गई है। लोगों के घरों में तीन से चार फुट बाढ़ का पानी भरा हुआ है। गृहस्थी पूरी तरह पानी में डूब गई है। लोगों को जिंदगी बचाने के लिए छत और छप्परों के साथ पेड़ों पर शरण लेनी पड़ रही है। स्थिति निरंतर नाजुक बनती जा रही है। तराई मेें वर्षा के चलते पुन: नदी का जलस्तर और भी बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं। तहसील प्रशासन द्वारा राहत और बचाव कार्य के दावे किए जा रहे हैं। इसके बावजूद त्राहि-त्राहि मची है।

आदमपुर रेवली तटबंध से भी टकराने लगीं लहरें
घाघरा नदी के जलस्तर में अचानक भारी वृद्धि के चलते बेलहा-बेहरौली तटबंध के साथ ही जरवल में आदमपुर-रेवली तटबंध से भी नदी की लहरें टकराने लगी हैं। जिससे दोनों तटबंधों को खतरा उत्पन्न हो गया है।
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पखवारे भर में तीसरी बार बाढ़ का कर रहे सामना
पिपरी गांव निवासी जगदीश के घर में दो फुट पानी घुसा हुआ है। परिवार चारपाई और तख्त पर शरण लिए हुए है। घर का सारा सामान डूब गया है। वहीं रामजियावन के परिवार में ढाई से तीन फुट पानी पहुंच गया है। इसके चलते किसी तरह परिवार के लोग सामान समेटकर सड़क किनारे टेंट लगाकर गुजर-बसर कर रहे हैं।

सात हजार से अधिक लंच पैकेट वितरण का दावा
अपरजिलाधिकारी संतोष कुमार राय ने बताया कि कैसरगंज और जरवल क्षेत्र मेंनदी का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ की स्थिति बरकरार है। बाढ़ प्रभावित परिवारों को निरंतर लंच पैकेट का वितरण किया जा रहा है। सात हजार परिवारों को लंच पैकेट पहुंचाए गए हैं। इसके अलावा आलू, चावल, मोमबत्ती, तिरपाह, बिस्किट, केरोसिन का भी वितरण हो रहा है। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में मोटर बोट और नाव का संचालन निरंतर जारी है।

पांच मकान भी कटे
बाढ़ के साथ कटान भी चल रही है।जिसके चलते कहारनपुरवा निवासी घनश्याम, रामदास, गोली, बरसाती व जरमापुर निवासी वैधा के मकान को नदी की लहरों ने लील लिया है। 50 बीघा खेती योग्य जमीन भी कटान की भेंट चढ़ी है।

बाढ़ के पानी में डूबकर वृद्ध की मौत
महसी। हरदी थाना अंतर्गत सिकंदरपुर निवासी राधेश्याम (70) पुत्र नागेश्वर रात में पेट दर्द होने पर शौंच के लिए गए थे। इसी दौरान बाढ़ के पानी में डूबकर मौत हो गई। काफी खोजबीन के बाद शुक्रवार दोपहर में उनका शव बरामद हुआ। पंचनामा के बाद लाश का अंतिम संस्कार कर दिया गया है।
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