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मंदसौर घटना को लेकर किसानों ने नारेबाजी कर किया प्रदर्शन

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किसानों ने नारेबाजी कर किया प्रदर्शन
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मंदसौर की घटना से भड़के, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग

बहराइच। मध्यप्रदेश के मंदसौर में किसानों पर हुई फायरिंग और पांच काश्तकारों की मौत से जिले के किसानों में भी आक्रोश है। गुरुवार को धनसरी चौराहे पर किसानों ने एकत्रित होकर मंदसौर कांड के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। इसके बाद गोलीकांड में दम तोड़ने वाले किसानों को श्रद्धांजलि दी गई। इस मौके पर दोषियों को जेल भेजने की मांग की गई।
जरवल विकास खंड की ग्राम पंचायत धनसरी चौराहे पर दोपहर में क्षेत्र के किसान किसान नेता अशोक मिश्र की अगुवाई में एकत्रित हुए और मंदसौर कांड के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। कहा कि मध्यप्रदेश सरकार अगर वास्तव में किसान हितैषी है तो किसानों के साथ बैठकर समस्याओं को हल किया जाना चाहिए न कि उन पर फायरिंग की जानी चाहिए। सभी ने कहा कि मंदसौर की घटना की जितनी निंदा की जाए, कम है। प्रदर्शन स्थल पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन हुआ। इस मौके पर सभी ने दो मिनट का मौन रखकर मंदसौर कांड में दम तोड़ने वाले किसानों को श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर राजेश गौड़, विनोद, रामतीरथ, अमरनाथ, राजू यादव, संतोष मिश्रा, अमित वर्मा, विजय कुमार सिंह, तिलकराम, शरीफ अहमद आदि मौजूद रहे।
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मंदसौर की घटना देश के लिए कलंक
मंदसौर की घटना से कांग्रेसी नेता भी खफा हैं। एनजीओ प्रकोष्ठ की प्रदेश महासचिव सरिता पटेल का कहना है कि मंदसौर की घटना देश के लिए कलंक है। उन्होंने कहा कि गुरुवार को मंदसौर के पीड़ितों से मुलाकात करने जाते समय राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी को गिरफ्तार कर सरकार ने जता दिया है कि वह मनमानी पर उतारू है। उसे किसानों की पीड़ा से कोई मतलब नहीं है। जबकि इस समय मंदसौर के पीड़ित किसानों को ढांढस बंधाने की जरूरत है। उधर, भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन के जिलाध्यक्ष अमरनाथ शुक्ल ने मंदसौर के घटना की निंदा करते हुए कहा कि मध्य प्रदेश के किसानों के प्रति सरकार पूरी तरह बेपरवाह है।
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