बिना लाइसेंस के संचालित स्लाटर हाउस और मीट की दुकानों पर गुरुवार को भी छापेमारी की गई। बहराइच शहर के चिकमंडी व नवाबगंज मंडी में छापेमारी हुई। इस दौरान पशु वधशाला समेत 10 दुकानें सीज की गईं। इनके पास लाइसेंस नहीं था। अवैध तरीके से कारोबार हो रहा था। छापेमारी से मीट कारोबारियों में हड़कंप मचा रहा। अन्य को चेतावनी दी गई। उधर, नानपारा में पुलिस टीम गश्त करती रही, जिससे मीट का कारोबार पूरी तरह ठप रहा।
पशु वध पर अंकुश लगाने के लिए शासन के निर्देश पर जिले में छापेमारी शुरू की गई। गुरुवार को दोपहर सिटी मजिस्ट्रेट महेंद्र सिंह व अधिशासी अधिकारी नगर पालिका पवन कुमार की अगुवाई में कोतवाली नगर और दरगाह थाने की पुलिस टीम चिकमंडी पहुंची। यहां पर मीट कारोबारियों के लाइसेंस की चेकिंग शुरू हुई। इस दौरान तीन कारोबारी बिना लाइसेंस के दुकान व पशु वधशाला संचालित करते मिले। उन्हें तत्काल सीज कर दिया गया। प्रशासन ने अपने ताले लगा दिए।
इसके अलावा और चार मीट कारोबारियों के लाइसेंस एक्सपायरी डेट के मिले। इन दुकानों को भी सीज कर दिया गया। अन्य कारोबारियों को नियम निर्देशों के अनुरूप कारोबार करने के निर्देश दिए गए। छापेमारी का अभियान डेढ़ घंटे तक चला, जिससे हड़कंप मचा रहा। कई दुकानदार अपनी दुकानों का शटर गिराकर भाग गए। उधर, नवाबगंज बाजार में भी पशु वध के खिलाफ अभियान चला। यहां पर तीन दुकानों को सीज कराया गया। सभी के अभिलेख भी जब्त कर लिए गए।
नानपारा में नगर पालिका परिषद की ओर से मछली मंडी का स्थान निर्धारित है। इसके बावजूद गांधी पार्क में मछली मंडी का संचालन हो रहा है। मीट के अवैध कारोबार पर अंकुश के लिए शासन का फरमान मिलने के बाद नानपारा में भी सख्ती शुरू हुई है। गुरुवार की शाम सीओ अजय भदौरिया व प्रभारी निरीक्षक आलोक राव की अगुवाई में बैठक हुई, जिसमें मछली व्यवसायियों को निर्धारित स्थल पर कारोबार करने के निर्देश भी दिए गए। हिदायत दी गई कि गांधी पार्क में दुकान लगाने पर सामान सीज कर केस दर्ज करने की कार्रवाई होगी।