बागपत के डौला गांव में दस दिन पूर्व पकड़े गए लुटेरे मुनाजिद गैंग के सदस्य जाहिद तिलपनी और उसके साथी ज्वाला को कोतवाली पुलिस ने पुलिस कस्टडी रिमांड पर लिया। पुलिस का दावा है कि आरोपियों ने ही अपने साथियों के साथ मिलकर क्यामपुर गांव में डकैती डाली थी। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर लूटे गए आभूषण भी बरामद किए हैं।
कोतवाली प्रभारी रणवीर सिंह यादव का कहना है कि डौला गांव में पकड़े जाने के बाद जाहिद ने क्यामपुर गांव के गफ्फार और जमील के घर में हुई डकैती की घटना का इकबाल किया था। घटना में लूटे गए सामान को बरामद करने और उसके साथियों का पता लगाने के लिए आरोपी जाहिद और उसके साथी इकराम उर्फ ज्वाला उर्फ इरफान को पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेने की कोर्ट में अर्जी लगाई थी। कोर्ट ने दो दिन के पीसीआर की अनुमति दे दी थी।
मंगलवार को आरोपियों को मेरठ जेल से पीसीआर पर लाकर पूछताछ की गई तो आरोपियों ने बताया कि उन्होंने अपने साथी आरिफ, आमिर और नौशाद के साथ मिलकर घटना को अंजाम दिया था। उसकी निशानदेही पर लूटे गए सोने-चांदी के आभूषणों को क्यामपुर नहर के पास स्थित शमशान घाट के पास गड्ढे से बरामद किए गए हैं। वहां पर उन्होंने आभूषणों को दबा रखा था। फरार चल रहे उसके साथी आरिफ, आमिर और नौशाद की गिरफ्तारी के लिए संभावित स्थानों पर ताबड़तोड़ दबिश दी जा रही है।