वहीं, सुरक्षा को लेकर तभी से लाक्षाग्रह के मुख्य द्वार से लेकर टीले व ऐतिहासिक गुफा, संस्कृत विद्यालय परिसर में सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस फोर्स तैनात है। इस मामले को लेकर हिंदू पक्ष ने अपर कोर्ट में केवियट डाली थी और मुस्लिम पक्ष ने भी कोर्ट के फैसले को चुनोती देकर अपील डाली।
बताया गया कि मंगलवार को दुल्हेंडी (होली) के पर्व पर शाम के समय सिर पर टोपी लगाएं मुस्लिम समाज के सात युवक तीन बाइकों पर सवार होकर लाक्षाग्रह पर पहुंचे। यहां वे लाक्षाग्रह की यज्ञशाला पर रोजा इफ्तारी करने लगे।
उधर, लाक्षाग्रह मुकदमे के पैरोकार विजयपाल पुत्र मुरारी, आशीष शर्मा पुत्र हरेंद्र शर्मा, मूलचंद पुत्र स्वर्गीय कालेराम ने उनसे यहां आने का कारण पूछा और उन्हें ऐसा करने से रोका तो उन्होंने उक्त स्थान को अपना धार्मिक स्थान बताया और उनके साथ बहस करने लगे। हिंदू समाज के लोगों ने उनकी धार्मिक भावनाओं को आहत पहुंचाने और उनके द्वारा धार्मिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश करने की पुलिस को सूचना दे दी।
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