संवाद न्यूज एजेंसी
दोघट। धनोरा टीकरी में डेंगू से युवक की मौत हो गई है। युवक पिछले एक सप्ताह से डेंगू से पीड़ित था। युवक का मेरठ के अस्पताल में इलाज चल रहा था। गांव में 50 से अधिक लोग बुखार से पीड़ित है। ग्रामीणों का कहना है कि पीएचसी पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं नही मिल रही है, जिससे ग्रामीणों को दूसरे जनपदों में इलाज कराना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने गांव में कैंप लगवाने और दवाई का छिडक़ाव कराने की मांग की है।
बिनौली ब्लॉक के दाहा, भड़ल, धनौरा टीकरी में डेंगू और बुखार का प्रकोप बढ़ रहा है। इन गांवों में सात लोगों की डेंगू से मौत हो चुकी है, जबकि सैकड़ों लोग बुखार से पीड़ित हैं। शुक्रवार देर शाम धनौरा टीकारी के मोहित (28) पुत्र मुकेश की डेंगू से मौत हो गई। उसका मेरठ के अस्पताल में इलाज चल रहा था। गांव के जगपाल आर्य, नरेंद्र आर्य, मिंटू सहरावत, अमित वेदवान, महक सिंह का कहना है कि गांव में स्वास्थ्य सेवाओं का अभाव है। दाहा पीएचसी पर चिकित्सकों की कमी है और लैब टैक्नीशियन न होने के कारण लोगों को इलाज नही मिल रहा है। कई बार स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से पीएचसी पर चिकित्सक व स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती कराने की मांग की जा चुकी है, मगर समस्या का समाधान नहीं हो रहा है।
गांव की रुचि, मुन्नी, मनोज, राहुल, सार्थक, योगेंद्र, ओमकारी, रितु, माही, शगुन, विशु, वंश व देव सहित लगभग 50 लोग बुखार से पीड़ित हैं। पीड़ितों का बड़ौत, मेरठ और अन्य जिलों में इलाज चल रहा है। उन्होंने गांव में कैंप लगवाने व दवाई की छिड़काव कराने की मांग की है।
वर्जन-
ब्लॉक के तीनों गांवों में नियमित कैंप लगाकर लोगों की जांच कराई जा रही है। विभाग की ओर से ग्राम प्रधानों को छिडक़ाव के लिए दवा उपलब्ध कराई गई है। स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव का सर्वे कर लोगों को बीमारी से बचाव के लिए जागरुक कर रही है। - डॉ सुरुचि शमरहि, जिले मलेरिया अधिकारी