-हरियाणा की गढ़ मिरकपुर चौकी के पास 16 फरवरी को हादसे में घायल हुआ था युवक
-छोटे भाई के इलाज के लिए बड़े भाbयों ने बेच दी अपने हिस्से की संपत्ति
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संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। हरियाणा की गढ़ मिरकपुर चौकी के पास हादसे में घायल बिलौचपुरा के युवक की तीन महीने कोमा में रहने के बाद मौत हो गई। इलाज कराने के लिए बड़े भाइयों ने अपने हिस्से का मकान और जमीन भी बेच दी।
हरियाणा से भूसे के ट्रैक्टर पर आ रहे पांच युवक 16 फरवरी की रात गढ़ मिरकपुर चौकी के पास कार की टक्कर लगने से घायल हो गए थे। इसमें रंछाड़ गांव के रहने वाले शाहरुख की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि तालिब, सुहेल, वसी खान समेत चार गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल वसी खान (23) की हालत गंभीर होने के कारण लाजपतनगर दिल्ली के अस्पताल में उपचार कराया गया, जो तीन महीने तक कोमा में रहा। इसे कई दिन पहले परिवार वाले घर लेकर गए गए थे। बताया कि मंगलवार शाम वसी खान की मौत हो गई। इसके बाद परिवार में कोहराम मच गया। उधर, वसी खान का इलाज कराने में उसका परिवार वालों का सबकुछ बिक गया। मृतक वसी खान का इलाज कराने के लिए उसके चार बड़े भाईयों ने अपने हिस्सी की संपत्ति बेची और ब्याज पर रुपये भी लिये। इस मामले में थाना प्रभारी सत्येंद्र सिंह का कहना है कि घटना हरियाणा की है। घायल युवक की मौत होने पर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
चार भाइयों में सबसे छोटा था मृतक
बिलौचपुरा गांव के रहने वाले इमरान ने बताया कि वसी खान पांच भाइयों में सबसे छोटा था। इसके इलाज में उसके बड़े भाइयों ने बीस लाख रुपये से अधिक खर्च किया। इसमें साजिद ने अपने हिस्से का ढाई सौ गज का प्लाट, शाहरुख ने ट्रैक्टर और राशिद ने अपने हिस्से का मकान बेच दिया और कुछ रुपये ब्याज पर भी लिए।