बागपत पक्काघाट के पास यमुना खादर में फसल में भरा यमुना का पानी
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बागपत। पहाड़ों पर भारी बारिश के चलते रविवार को हथिनीकुंड बैराज से यमुना में ढाई लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जिससे यमुना उफान पर आ गई और किनारों पर दोनों तरफ फैल गई। जिससे मिट्टी कटान होने से किसान परेशान हैं। रविवार को यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया।
जिले में यमुना व हिंडन नदी में हथिनीकुंड बैराज से पानी छोड़ा जाने के कारण लगातार दोनों नदियां उफान मार रही हैं। जिनका जलस्तर रोजाना घट और बढ़ रहा है। बाढ़ नियंत्रण टीमें अलर्ट हैं, जो जिले में बनाई गई 11 बाढ़ चौकियों से यमुना नदी व हिंडन नदी के जलस्तर पर नजर रख रहे हैं।
रविवार को यमुना में हथिनीकुंड बैराज से 13 बार पानी छोड़ा गया। जिससे यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया। रविवार को 209.25 मीटर पर बह रही थी। उधर हिंडन नदी अभी खतरे के निशान से काफी नीचे है, जो 209.08 मीटर पर बह रही है। उधर जल निगम के एक्सईएन उत्कर्ष भारद्वाज का कहना है कि यमुना व हिंडन के जलस्तर पर नजर रखी जा रही है।
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बागपत में पक्का घाट तक पहुंची यमुना की धार
यमुना नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने के कारण कटान जारी है। रविवार को जलस्तर बढ़ने पर यमुना नदी की धार बागपत शहर में यमुना किनारे बने पक्का घाट तक पहुंच गई। जहां जलस्तर देखने के लिए शहर के लोगों की भीड़ लगी रही।
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फसल डूबने से किसानों की परेशानी बढ़ी
यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने से 500 बीघा से अधिक फसल पहले ही जलमग्न हो चुकी थी। अब यमुना का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंचा तो यमुना खादर में बची हुई फसल भी जलमग्न हो गई। जिससे किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है तो लाखों रुपये का नुकसान भी हो गया।