उफान पर यमुना, निनाना में अंत्येष्टि स्थल डूबा, फसल जलमग्न
बागपत। बारिश के बाद यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान से एक मीटर ऊपर पहुंच गया। जिससे किनारों पर कटान के बाद पानी खेतों में घुस गया। पानी ज्यादा आने से फैजपुर निनाना व जागोस गांव के अंत्येष्टि स्थल डूब गए और हजारों बीघा फसल भी जलमग्न हो गई। पानी अलीपुर बांध तक भी पहुंच गया है। बाढ़ राहत एवं नियंत्रण विभाग की टीमें यमुना किनारे बसे गांवों में अलर्ट रहीं।
बारिश के बाद हथिनीकुंड बैराज से यमुना नदी में लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। सोमवार को एक साथ 2.97 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। जिससे मंगलवार को यमुना का जलस्तर खतरे का निशान पार कर 210.15 मीटर पर पहुंच गया। जलस्तर बढ़ने से बाढ़ राहत एवं नियंत्रण विभाग के अधिकारी व कर्मचारी अलर्ट हो गए और यमुना किनारे बसे गांवों में जाकर ग्रामीणों को यमुना किनारे जाने से रोका। यमुना का जलस्तर बढ़ने से हजारों बीघा ज्वार, बाजरे, लौकी व अन्य फसल जलमग्न हो गई।
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दोबारा फसल डूबने से किसान हुए हताश
यमुना में पानी ज्यादा आने के कारण अगस्त में किसानों की फसल बर्बाद हो गई थी। जलस्तर कम होने के बाद अब किसान दोबारा फसल बुआई की तैयारी कर रहे थे, अब फिर से यमुना में बाढ़ आने से किसानों के खेत जलमग्न हो गए। जिससे किसान फसलों की बुवाई नहीं कर सके तो जिनकी फसल बच गई थी, वह भी जलमग्न हो गई। किसान इशाक अली, जगदीश, नरेश आदि का कहना है कि बाढ़ का पानी उतरने के बाद दोबारा फसल की बुवाई की तैयारी कर रहे थे, जिसके लिए खेतों की जुताई कराई गई। लेकिन अब फिर बाढ़ आने से खेतों में दोबारा कड़ी मेहनत करनी होगी।
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बारिश के बाद यमुना नदी का जलस्तर बढ़ गया है जो अब जल्द ही घटने की उम्मीद है। मंगलवार को एक बार में एक लाख 29 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। फिलहाल जलस्तर पर बाढ़ चौकियों से नजर रखी जा रही है। किसानों को यमुना किनारे जाने से रोका जा रहा है। -उत्कर्ष भारद्वाज, नोडल अधिकारी बाढ़ राहत एवं नियंत्रण।
बागपत के निवाड़ा गांव स्थित यमुना खादर में जलस्तर बढ़ने के बाद मकान के पास पहुंचा पानी- फोटो : BAGHPAT
फिर डूब गई किसानों की मेहनत: बागपत यमुना में जलस्तर बढ़ने के बाद डूबी फसल व ट्यूबवैल ओर झोपड़ी- फोटो : BAGHPAT
बागपत के फैजपुर निनाना गांव स्थित अंत्योष्टी स्थल में भरा यमुना का पानी- फोटो : BAGHPAT