नोटबंदी के बाद बैंकों में रुपये नहीं मिलने के कारण लोगों की मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही है। एटीएम और बैंकों के बाहर भीड़ लगी रहती है। सरूरपुर कलां गांव में महिलाएं कैश न मिलने को लेकर दिल्ली-यमुनोत्री हाईवे पर बैठ गईं। पुलिस कर्मियों ने समझाकर उन्हें हाईवे से हटाया।
शुक्रवार को सरूरपुर कलां गांव स्थित सिंडीकेट बैंक में कैश न मिलने को लेकर महिलाओं ने हंगामा करना शुरू कर दिया। नाराज महिलाएं हाईवे पर धरना देकर बैठ गई। बैंक के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। सूचना मिली तो पुलिस मौके पर पहुंचे। पुलिस ने किसी तरह उन्हें समझाकर हाईवे से उठाया।
चेतावनी दी कि यदि कैश नहीं मिला तो दोबारा जाम लगाया जाएगा। दाहा गांव स्थित केनरा बैंक में भी हंगामा रहा। बैंक गार्ड पर दिव्यांग मोहन शर्मा ने अभद्रता करने का आरोप लगाया। बताया कि लाइन में लगकर कैश लेने जा रहा था, लेकिन गार्ड ने उसे अंदर नहीं जाने दिया। जिस कारण उनमें नोकझोंक हुई। पीड़ित ने कहा कि इसकी शिकायत उच्च अधिकारियों से करेगा।
अग्रवाल मंडी टटीरी में लोगों को एक-एक और दो-दो हजार रुपये दिए गए। कुछ लोगों ने जिसका विरोध किया और कुछ शांति के साथ इन्हें ले गए। कैश न मिलने पर हंगामा किया। शहर के अधिकांश बैंकों में हंगामे की स्थिति बनी रही।
बड़ौत में पूरे दिन बैंक शाखाओं व एटीएम पर पैसे निकलवाने को लेकर ग्राहकों की लंबी लाइनें लगी रहीं। कई बैंक शाखा के बाहर तो आक्रोशित ग्राहकों ने मार्ग ही अवरुद्ध कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस से भी ग्राहकों की नोकझोंक हुई। पुलिस ने किसी तरह लोगों को समझाकर शांत किया।
पैसे निकलवाने को लेकर बैंकों व एटीएम के सामने लाइन टूटने का नाम नहीं ले रही है। शुक्रवार को बिनौली रोड स्थित यूनियन बैंक, सिंडीकेट बैंक, एचडीएफसी सहित भारतीय स्टेट बैंक व पंजाब नेशनल बैंक की शाखाओं व एटीएम पर पूरे दिन पैसे निकलवाने को लेकर उमड़ी लगी रही। यूनियन बैंक के बाहर तो आक्रोशित ग्राहकों ने बड़ौत-बिनौली मार्ग को अवरुद्ध ही कर दिया, जिससे मार्ग पर दोनों तरफ जाम लग गया। हंगामा बढ़ता देख पुलिस मौके पर पहुंची और किसी तरह ग्राहकों को समझाकर मामला शांत किया।
ग्राहकों का आरोप है कि अधिकांश बैंक शाखाओं के कर्मचारी बड़े व्यापारियों व दुकानदारों से मिले हुए हैं, जो चोरी छिपे उन्हें खुले पैसे दे रहे हैं। आम जन परेशान हैं। घंटों लाइन में खड़े रहने के बावजूद भी लोगों को पैसा नहीं मिल रहा है। लोगों का कहना है कि आए दिन लाइन में लगने के बाद भी उन्हें रुपये नहीं मिल रहे।