हाईटेंशन लाइन का तार टूट जाने के कारण 14 बिजलीघरों की सप्लाई बाधित हो गई। चौगामा क्षेत्र में मंगलवार की शाम सात बजे से विद्युत सप्लाई ठप है। बिजली नहीं आने के कारण लोगों में हा-हाकार मचा है और पेयजल संकट गहरा गया है।
मंगलवार की शाम सात बजे 132 केवीए बिजली घर कान्हड़ की लाइन का बामनौली गांव के पास तार टूट गया। इससे उक्त चार से जुड़े 14 बिजलीघरों की विद्युत सप्लाई ठप हो गया और पूरे चौगामा क्षेत्र में अंधेरा छा गया।
बिजली न आने के कारण क्षेत्र में लगी 15 पेयजल टंकियां बंद पड़ी है। पूरे क्षेत्र में पेयजल संकट गहरा गया है। बिजली नहीं आने से पशुओं के लिए चारे की समस्या पैदा हो गई है। बिजली को लेकर पूरे चौगामा क्षेत्र में हा-हाकार मचा है। इससे ग्रामीणों में ऊर्जा निगम के अधिकारियों में आक्रोश व्याप्त है।
क्षेत्र के विकास राणा, जितेंद्र, मनोज, दीपक, महेंद्र, बिजेंद्र, राजेश आदि ने कहा ग्रामीण क्षेत्र में बहुत कम विद्युत सप्लाई दी जा रही है। कभी मुरादनगर से बिजली नहीं आई है तो कभी तार टूटा पड़ा है, इसका बहाना कर बिजली कटौती की जा रही है। उप्र सरकार ने गांव में 14 घंटे विद्युत सप्लाई देने के आदेश किए है, लेकिन अब ग्रामीण क्षेत्र में आठ घंटे भी बिजली नहीं मिल रही है।
गैडबरा में नहीं बनेगा 132 केवीए बिजलीघर
दोघट। बिजली विभाग के एसडीओ सतेंद्र सिंह ने बताया गैडबरा में 132 केवीए बिजलीघर का निर्माण कराया जाना था, लेकिन गांव में बिजलीघर के 910 मीटर जगह कम होने के कारण यहां पर बिजलीघर नहीं बन सका।
इसके बाद विद्युत निगम के अधिकारियों ने तवेला गढ़ी और सरौरा गांव में जमीन तलाश की। वहां पर जमीन तो मिल गई, लेकिन तकनीकी कारणों से 132 केवीए की विद्युत लाइन नहीं आ सकती। उन्होंने बताया यदि विद्युत विभाग को 132 केवीए बिजलीघर कान्हड़ के आसपास तीन बीघा जमीन मिल जाए तो यहां पर 220 केवीए का बिजलीघर बन जाएगा। इसके बनने से पूरे क्षेत्र की विद्युत समस्या समाप्त हो जाएगी।