बागपत के सिसाना गांव में तेज हवा चलने से गिरी गेहूं की फसल दिखाता किसान। संवाद
बागपत। मौसम न केवल लोगों को बीमार बना रहा, बल्कि किसानों की चिंता भी बढ़ा दी है। यहां मंगलवार को 26 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चली पछुआ हवा से धूल उड़ने के साथ ही उन किसानों की गेहूं की फसल गिर गई, जिन्होंने एक-दो दिन पहले ही सिंचाई की थी। लगातार पछुआ हवा चली तो गेहूं का उत्पादन गिर सकता है, क्योंकि बालियों में दाना पूरी तरह से फूल नहीं पाएगा।
सोमवार की रात से ही पछुआ हवा चल रही है, लेकिन मंगलवार को दिन निकलने से पहले ही हवा की रफ्तार काफी तेज हो गई। इससे जहां लोगों को ठंड का अहसास हुआ, वहीं किसान तो पूरी तरह चिंता में डूबे हैं, क्योंकि गेहूं फसल पकने की तरफ बढ़ रही है और उसे सिंचाई की बेहद जरूरत है। मगर, तेज हवा चलने से गेहूं फसल की सिंचाई करना खतरे से खाली नहीं। सरसों की फसल की फलियों के हवा में झड़ने की चिंता है।
nइस तरह गिर सकता है उत्पादन : किसानों की चिंता यह भी है कि यदि कुछ दिन पछुआ हवा चली तो बालियों में गेहूं का दाना फूलने के बजाय सूखकर पतला होगा। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार पछुआ हवा लगातार चलने से गेहूं उत्पादन में 15 से 20 प्रतिशत या इससे ज्यादा गिरावट आएगी। कृषि विभाग के रिकार्ड के अनुसार बागपत में 54 हजार हेक्टेयर से ज्यादा जमीन में गेहूं की फसल है। इसमें से अगेती फसल में पूरी तरह से बाल निकल चुकी है।