संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। जिले के दामन से अपराध का दाग धुलने लगा तो उद्योगों के लिए निवेश बढ़ा। यहां बीते पांच साल में अपराध में पचास फीसदी तक कमी आई। इससे बड़ी औद्योगिक इकाइयां आठ से बढ़कर 160 हो गईं। पहली बार उम्मीद से ज्यादा सात हजार करोड़ के निवेश के प्रस्ताव आए हैं।
बागपत में वर्ष 2018 तक 500 छोटे उद्योग और आठ बड़ी इकाइयां संचालित थीं। यहां बड़ी इकाइयां लाने के काफी प्रयास सरकार और प्रशासन के स्तर से किए गए। उद्यमी यहां निवेश के लिए तैयार नहीं होते थे। इसका एक कारण यह माना जाता था कि यहां कई बड़े अपराधी थे। इसके चलते लूट, हत्या व अन्य वारदातें होती थीं। अब अपराध घटा तो यहां धीरे-धीरे उद्योग बढ़ने शुरू हो गए। अब यहां 2000 छोटे उद्योग और 180 बड़ी इकाइयां संचालित हैं। इनमें से अधिकतर बीते तीन साल में शुरू हुई हैं।
पांच साल घटा अपराध
यहां वर्ष 2018 में लूट के 40 व हत्या के 63 मामले दर्ज हुए थे। इस तरह ही वर्ष 2019 में लूट के 39 व हत्या के 62, वर्ष 2020 में लूट के 27 व हत्या के 63, वर्ष 2021 में लूट के 24 व हत्या के 54, वर्ष 2022 में लूट के 16 व हत्या के 49 मामले दर्ज हुए हैं। इस तरह लूट में करीब 60 प्रतिशत और हत्या के मामलों में 25 प्रतिशत तक की कमी हुई हैं।
बागपत की अपराध के चलते छवि खराब थी। इसलिए उद्यमी यहां निवेश नहीं करते थे। अब स्थिति बदली है और उद्यमी निवेश कर रहे हैं। उद्योग लगातार बढ़ रहे हैं।-संजीव गोस्वामी, अध्यक्ष बागपत इंडस्ट्रियल एसोसिएशन
बागपत में इस बार निवेशकों ने काफी रुचि दिखाई। पहली बार यहां सात हजार करोड़ से ज्यादा के निवेश के प्रस्ताव मिले हैं। अधिकतर के एमओयू जारी हो गए हैं। इससे क्षेत्र में विकास की नई राह खुल रही है।-स्वीटी उपाध्याय, सहायक उपायुक्त उद्योग
अपराध में कमी का असर व्यापार और उद्योग पर दिखाई देता है। लूट एवं हत्या की वारदातें काफी कम हुई हैं। पुलिस घटनाओं को दर्ज करके खुलासा कर रही है। इससे ही अपराध में कमी आई है।-नीरज कुमार जादौन, एसपी
बागपत औद्योगिक क्षेत्र
बागपत औद्योगिक क्षेत्र