- मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत 26 नवंबर 2024 को कराई गई थी बेटियों की शादी
- अधिकारियों ने कई लाभार्थियों के खाते में अनुदान की राशि 35 की जगह 70 हजार रुपये भेजी
- अब जांच में मामला पकड़ में आने के बाद अधिकारी मांग रहे रुपये वापस, लाभार्थियों को पत्र भेजा गया
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत बेटियों के खाते में 35 हजार रुपये अनुदान राशि भेजने से पहले अधिकारियों ने सूची की जांच किए बिना कलम चला दी। इसलिए ही कई लाभार्थियों के खाते में 70 हजार रुपये अनुदान राशि पहुंच गई। अब जांच में यह मामला पकड़ में आने पर अफसरों में हड़कंप मचा है और लाभार्थियों से रुपये वापस मांगे जा रहे हैं।
बागपत के इंद्रदेव इंस्टीट्यूट में समाज कल्याण विभाग ने मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत 26 नवंबर 2024 को 125 बेटियों की शादी कराई थी। एक बेटी की शादी के लिए सरकार से 51 हजार रुपये मिलते हैं। इनमें से दस हजार रुपये का सामान दिया जाता है और छह हजार रुपये खाने पर खर्च किए जाते हैं। बाकी 35 हजार रुपये लाभार्थी के खाते में शादी के बाद भेजे जाते हैं।
उस समय अधिकारियों ने खातों में यह 35 हजार रुपये भेजने के लिए बनाई गई सूची में कई लाभार्थियों के नाम दो-दो जगह लिख दिए। जब यह सूची अधिकारियों के पास पहुंची तो उस पर हस्ताक्षर कर दिए। यह राशि लाभार्थियों के खाते में 30 नवंबर 2024 को दो-दो बार पहुंच भी गई। अब शासन स्तर से बजट के खर्च की जांच हुई तो मामला पकड़ में आया। इसलिए ही समाज कल्याण अधिकारी श्याम सुंदर इकनौरिया ने ऐसे लाभार्थियों को पत्र जारी करके रुपये वापस जमा कराने के लिए कहा है।
- केस एक : मुस्कान की शादी मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत हुई थी। इनके खाते में अनुदान राशि 35 हजार रुपये की जगह 70 हजार रुपये पहुंच गए। खाता भी अलग-अलग नहीं था बल्कि एक ही खाते में दो बार राशि भेजी गई। अब समाज कल्याण विभाग ने मुस्कान को पत्र जारी करके 35 हजार रुपये वापस जमा कराने के लिए कहा है।
- केस दो : रानी की शादी भी मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत हुई और इनके खाते में भी 35 की जगह 70 हजार रुपये भेजे गए। अब जांच में मामला पकड़ में आया तो इनसे भी रुपये वापस मांगे जा रहे हैं। अब यह देखना होगा कि यह रुपये कब तक वापस लौटाती हैं।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत कई लाभार्थियों के खाते में 35 की जगह 70 हजार रुपये गलती से चले गए थे। शासन स्तर से जांच में यह पता चला। ऐसे लाभार्थियों को 35 हजार रुपये वापस करने के लिए पत्र भेजे जा रहे हैं। - श्याम सुंदर इकनौरिया, जिला समाज कल्याण अधिकारी