बागपत। गांवों में ग्राम चौपाल लगाकर ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान कराने के अफसरों के दावे शुक्रवार को हवाई दिखाई दिए। जिले के छह ब्लाकों के 12 गांवों में आयोजित ग्राम चौपाल में कहीं अफसर नहीं पहुंचे तो कहीं फरियादी ही नहीं आए। ग्राम चौपालों में सीडीओ समेत कई जिला स्तरीय अधिकारी और ब्लाक स्तरीय अधिकारी पहुंचने थे, लेकिन वह नदारद दिखाई दिए। जहां सिर्फ ग्राम पंचायत स्तरीय अधिकारियों ने समस्याएं सुनी।
सूजरा में उद्यान अधिकारी गायब रहे, केवल आई एक शिकायत
बागपत ब्लाक के सूजरा गांव में ग्राम चौपाल में सुनवाई के लिए जिला उद्यान अधिकारी दिनेश अरूण को जिम्मेदारी सौंपी गई थी, लेकिन जिला उद्यान अधिकारी ग्राम चौपाल से नदारद रहे। इसलिए फरियादी भी नहीं पहुंचे। वहां दिनभर में विधवा पेंशन की एक शिकायत आई। जिसका मौके पर ही ग्राम विकास अधिकारी शान मोहम्मद ने निस्तारण करा दिया।
चौहल्दा में नहीं पहुंचे अधिकारी, ग्रामीणों ने किया इंतजार
चौहल्दा गांव में शुक्रवार को ग्राम चौपाल में ग्राम पंचायत सचिव संजय कुमार, प्रधान प्रवीण कुमार उर्फ बॉबी ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनी। जहां खादी ग्रामोद्योग के अधिकारी नहीं पहुंचे। चौहल्दा गांव में दिनभर में चार शिकायतें आई। जिसमें ग्रामीण रमेश और अमित ने मृत्यु प्रमाण पत्र नहीं बनने की शिकायत की। इसके अलावा राशन कार्ड बनवाने के लिए फार्म भरकर जिला आपूर्ति विभाग को भेजा गया।
समाज कल्याण अधिकारी नहीं पहुंची, शिकायत 12 आईं
बड़ौत ब्लाॅक के अलावलपुर गांव के ग्रामीण जलभराव, किसान सम्मान निधि समेत 12 समस्या लेकर पहुंचे। जिसमें आठ शिकायतों का निस्तारण करा दिया गया, लेकिन जलभराव की समस्या का समाधान नहीं कराया जा सका। अलावलपुर में जिला समाज कल्याण अधिकारी रचना शर्मा को समस्या सुननी थी, लेकिन वह नहीं पहुंची। इसके अलावा बड़ौत ब्लाॅक के ही ओढ़ापुर गांव में ग्राम चौपाल में दस शिकायतों में से सात का निस्तारण करा दिया गया।
भागौट में खाली कुर्सियों को देखते रहे एडीओ
भागौट की ग्राम चौपाल से डीपीआरओ अनुपस्थित रहे। जहां एडीओ पंचायत नितिन त्यागी समस्याएं सुनने के लिए पहुंचे, लेकिन दिनभर एडीओ अकेले ही ग्राम चौपाल में बैठे रहे। वहां ग्रामीणों को पता ही नहीं था कि गांव में ग्राम चौपाल लगी है। इसके अलावा अन्य कर्मचारी भी ग्राम चौपाल से अनुपस्थित रहे। वहां दोपहर एक बजे के बाद ग्रामीण पेंशन की समस्या लेकर पहुंचे।
सूजती में जिला स्तरीय अधिकारियों के बिना लगी ग्राम पंचायत
बिनौली ब्लाक के सूजती और मौजिजाबाद नांगल गांव में ग्राम चौपाल अधिकारियों के बिना संपन्न हुई। यहां पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी नहीं पहुंची। पांच शिकायतें आई, जिनमें से चार का निस्तारण कराया गया। इसके अलावा सूजती गांव की ग्राम चौपाल से जिला कृषि अधिकारी भी नदारद रहे। जहां आई आठ शिकायतों का निस्तारण करा दिया गया।
मतानतनगर की ग्राम चौपाल से मायूस लौटे फरियादी
मतानतनगर गांव की ग्राम चौपाल में ग्रामीण समस्याएं लेकर पहुंचे, लेकिन समस्या का समाधान नहीं होने पर फरियादी मायूस होकर वापस लौट गए। ग्रामीण गीता, नरेंद्र, राजबीर, उमेश, उपेंद्र ने तालाब से अतिक्रमण हटवाने की मांग की। उन्होंने बताया कि अतिक्रमण के कारण तालाब का दूषित पानी सड़क पर भरा रहता है। इसके अलावा पाइपलाइन बिछाने के नाम पर उखाड़ी की सड़क भी ठीक कराने की मांग की। ग्राम चौपाल में सचिव महक सिंह समस्या का समाधान नहीं करा पाए।
अधिकारी नहीं आए तो वापस लौट गए फरियादी
पिलाना ब्लाक के लुहारा गांव में पहुंचे फरियादी अधिकारियों के न आने पर वापस लौट गए। जहां दोपहर 12 बजे तक उपायुक्त एनआरएलएम और बीडीओ नहीं पहुंचे। जिस कारण कुर्सियां खाली पड़ी रही। इस मौके पर ग्राम विकास अधिकारी बुद्धप्रकाश ने समस्याएं सुनी। जहां ग्रामीण शेरदीन ने कई महीने से सफाई नहीं होने गलियों में कीचड़ फैलने की शिकायत की।
वीडियो कांफ्रेंसिंग और बैठक के कारण ग्राम चौपाल में अधिकारी नहीं पहुंच सके। इसके लिए आगे से ध्यान रखा जाएगा कि ग्राम चौपाल और बैठकों का समय एक ही नहीं हो सके। हालांकि अन्य अधिकारियों ने समस्याओं का निस्तारण किया है।-एमएल व्यास, सीडीओ।