मौसम में बदलाव से लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर दिखाई देने लगा है। जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ गई है। वायरल, बुखार, खांसी और एलर्जी के मरीज बढ़े हैं।
बदलते मौसम में थोड़ी सी लापरवाही बीमार बना सकती है।
दिन में तेज धूप और हवा के अलावा सुबह और रात के समय की ठंड के चलते बीमारियां पैर पसार रही है। इस समय बच्चों के देखरेख की खास जरूरत है। सर्दी के चलते निमोनिया का खतरा भी हो सकता है। इसको लेकर विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
जिला अस्पताल में पिछले कई दिनों से मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। गर्मी के मौसम की शुरूआत के साथ ही मौसम के दो रूप दिखाई देने लगे हैं। गर्मी और सर्दी के बदलाव का नागरिक की सेहत पर असर पड़ रहा है।
जिला अस्पताल में प्रतिदिन 1000 से 1100 के बीच लोग स्वास्थ्य परीक्षण के लिए पहुंच रहे हैं। इनमें 40 प्रतिशत बुखार और 30 प्रतिशत एलर्जी के मरीज है। मरीज ब्रह्म सिंह महताब, निसार, रुखसाना, मुनेश, बाला, दिनेश आदि ने बताया कि तेज बुखार की शिकायत है।
एलर्जी के मरीज यहां पर बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। सीएमएस बीएल कुशवाह ने बताया कि मरीजों की संख्या बढ़ रही है। ज्यादातर बुखार, खांसी, एलर्जी के मरीज अस्पताल में आ रहे हैं। इलाज के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं बनाई जा रही है।
यह रखें सावधानी
फिजिशियन डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि मौसम के बदलाव के कारण सावधानी रखकर ही बीमारियों से बचा जा सकता है। ठंडा और गर्म से बचकर रहे। शुद्ध पानी का उपयोग करें। यदि इसके बाद भी स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर नजर आए तो तत्काल डॉक्टर से परामर्श लें।
नाक, कान, गला विशेषज्ञ डॉ. सुनील कुमार ने बताया कि गर्मी के मौसम में मच्छर, मक्खियों का प्रकोप बढ़ जाता है। इनके कारण ही बीमारियां फैलती है। इस मौसम में एलर्जी के मरीज स्वत: ही बढ़ जाते हैं। बीमारियों से बचाव के लिए घरों के आसपास साफ. सफाई रखें।