बागपत। अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स अभियान के तहत बृहस्पतिवार को सेंट एंजेल्स पब्लिक स्कूल में छात्राओं को आत्मरक्षा के लिए प्रशिक्षण दिया। जिससे छात्राएं विपरीत परिस्थितियों का खुद सामना कर सके। वहां मार्शल आर्ट की तकनीकों को सीखते हुए छात्राओं ने कहा कि वह किसी से नहीं डरेंगी और अपनी सुरक्षा खुद कर सकेंगी।
सेंट एंजेल्स स्कूल में छात्राओं को आत्मरक्षा के लिए मार्शल आर्ट के गुर सिखाने को आयोजित कार्यक्रम का प्रबंधक अजय गोयल ने शुभारंभ किया। इसके बाद मार्शल आर्ट के ट्रेनर शालोम दास ने छात्राओं को आत्मरक्षा के लिए टिप्स दिए और उनको मार्शल आर्ट का प्रशिक्षण दिया।
शालोम दास ने कहा कि लड़कियों के साथ जिस तरह से छेड़छाड़ व अन्य आपराधिक घटनाएं बढ़ रही हैं। उसको देखते हुए सभी स्कूलों में छात्राओं को आत्मरक्षा के लिए प्रशिक्षित किया जाना चाहिए। स्कूलों में पढ़ाई के साथ-साथ छात्राओं को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण देने के लिए एक घंटा निर्धारित होना चाहिए। उन्होंने बताया कि वह पिछले काफी समय से छात्राओं को प्रशिक्षण दे रहे हैं। छात्राओं को उनकी रुचि के आधार पर ताइक्वांडो और मार्शल आर्ट का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
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छात्राओं में बढ़ रही जागरूकता : अजय गोयल
सेंट एंजेल्स पब्लिक स्कूल के प्रबंधक अजय गोयल ने कार्यक्रम में कहा कि पहले आत्मरक्षा का प्रशिक्षण देने की बात की जाती थी तो छात्राएं रुचि नहीं लेती थीं। उनके परिजन भी इसको लेकर गंभीर नहीं थे। अब समय के अनुसार छात्राएं जागरूक हो रही हैं और वह ताइक्वांडो व मार्शल आर्ट का प्रशिक्षण लेने के लिए आगे आ रही हैं। उनके अभिभावकों की सोच भी काफी बदली है और वह खुद अपनी बेटियों को प्रशिक्षण देने के लिए कहते हैं। ज्यादा से ज्यादा छात्राओं को आत्मरक्षा के लिए प्रशिक्षण लेना चाहिए।
बालिकाओं के लिए आत्मरक्षा का प्रशिक्षण जरूरी
- आत्मरक्षा के प्रशिक्षण बालिकाओं के लिए जरूरी है और सभी को प्रशिक्षण लेना चाहिए। ताकि विपरीत परिस्थिति होने पर उसका सामना करने में परेशानी न हो। - पलक चौहान, छात्रा
- आत्मरक्षा का प्रशिक्षण लेने के बाद छात्राएं अपनी रक्षा स्वयं कर सकती हैं। क्योंकि कई बार ऐसी परिस्थिति बन जाती है कि मदद के लिए आसपास कोई नहीं होता तो खुद ही अपनी रक्षा करनी होती है। - अंजलि चौहान, छात्रा
- आए दिन तरह-तरह की आपराधिक घटनाएं हो रही हैं। छात्राएं आत्मरक्षा का प्रशिक्षण लेकर उन घटनाओं को कम कर सकती हैं। प्रशिक्षण के बाद छात्राओं को किसी पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं पड़ेगी। - तान्या चड्ढा, छात्रा
- सभी को आत्मरक्षा के लिए प्रशिक्षण लेना चाहिए और अन्य बालिकाओं को भी आत्मरक्षा का प्रशिक्षण लेने के लिए जागरूक करना चाहिए। इस समय यह काफी जरूरी है। - आकांक्षा गर्ग, छात्रा
बागपत के सेंट एंजेल्स पब्लिक स्कूल में अमर उजाला अपराजिता की ओर से आयोजित ताइक्वांडो में आत्म रक- फोटो : BAGHPAT