फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Baghpat News: चौगामा नहर में पांच साल बाद छोड़ा गया पानी, किसानों में खुशी

विज्ञापन
चौगामा नहर में आया पानी - फोटो : BAGHPAT
विज्ञापन
विधानसभा तक उठाया गया था चौगामा नहर में पानी नहीं आने का मुद्दा
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
दोघट(बागपत)। चौगामा नहर में पांच साल बाद मंगलवार को पानी छोड़ा गया। नहर में पानी आने से किसानों में खुशी है, जिससे खेतों में सिंचाई के लिए जूझना नहीं पड़ेगा। इसलिए ही चौगामा क्षेत्र के किसान काफी समय से नहर की सफाई कराने और पानी छोड़े जाने की मांग कर रहे थे।
नहर में मंगलवार को टीकरी शाखा में पानी छोड़ा गया जो दो दिन में टेल तक पहुंच जाएगा। चौगामा नहर के प्रभारी सहायक अभियंता शामली डिवीजन अमित कुमार ने बताया कि पहले चौगामा नहर बड़ौत डिविजन में थी। शामली डिवीजन में चार महीने पूर्व ही इसको ट्रांसफर किया गया था। हिंडन-कृष्णा नहर परियोजना (चौगामा नहर) 17 सितंबर 2018 को सिंचाई विभाग बड़ौत डिवीजन को ट्रांसफर की गई थी।
विज्ञापन

मुख्य अभियंता ने 26 नवंबर 2022 को इसे पूर्वी यमुना नहर लोवर खंड शामली डिवीजन को ट्रांसफर कर दिया था। 18 दिसंबर को लोई चैनल से इसमें पानी छोड़ा गया। पानी दोघट तक पहुंच चुका है। विभाग की ओर से एक-एक शाखा को पानी देकर चौगामा नहर की सभी तीनों शाखाओं और इसके माइनरों में पानी छोड़ा जाएगा।
विज्ञापन

1978 में हुआ था शिलान्यास, विधानसभा तक उठा मुद्दा
चौगामा नहर का शिलान्यास 1978 में किया गया था। जिससे चौगामा के किसानों में फसलों की सिंचाई के लिए पानी मिलने की आस जगी थी। मगर 44 वर्षों में भी परियोजना पूरी नहीं हो पाई है। पूर्व केंद्रीय मंत्री चौधरी अजित सिंह के प्रयास से 1993 में इस नहर के निर्माण में तेजी आई और 2004 तक इस नहर का निर्माण 90 प्रतिशत पूर्ण कराया गया। लोई और दाहा में तत्कालीन सिंचाई मंत्री अनुराधा चौधरी और पूर्व केंद्रीय मंत्री चौधरी अजित सिंह ने नगर में पानी छोड़ने के लिए इसका उद्घाटन किया था। नहर की शाखाओं में गैप होने की वजह से सिंचाई विभाग ने इसकी सफाई की राशि पर पाबंदी लगा दी थी। कृषि विभाग की ओर से अन्य बजट से नहर की सफाई कराकर समय पर पानी छोड़ा गया। इस नहर को पूरा कराने व पानी छोड़ने का मामला विधानसभा तक भी उठाया जा चुका है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें