बागपत। दिल्ली-सहारनपुर हाईवे स्थित सिसाना गांव में बंदी वाहन ने फैक्ट्री चौकीदार गफ्फार (45) को कुचल दिया। इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिसकर्मी गाड़ी को लेकर भाग गए। इससे गुस्साए लोगों ने जमकर हंगामा किया और हाईवे पर जाम लगा दिया। पुलिस से काफी नोकझोंक हुई। यहां तक की लोग हाथापाई पर उतारू हो गए। गुस्साई महिलाओं ने वाहनों पर पथराव करने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने उनको समझा-बुझाकर शांत किया।
एडीएम ने मृतक के परिवार को 5.30 लाख रुपये की आर्थिक मदद और आरोपी चालक के खिलाफ कार्रवाई कराने का आश्वासन देकर शांत किया।
सिसाना निवासी गफ्फार एआरटीओ ऑफिस के पास स्थित फैक्ट्री का चौकीदार था। बृहस्पतिवार को सुबह साढ़े आठ बजे ड्यूटी पूरी करने के बाद वह घर साइकिल से लौट रहा था। जैसे ही वह सिसाना गांव में पहुंचा, तभी बड़ौत की ओर से आ रही हवालात गाड़ी ने उसको कुचल दिया। इससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। आरोपी चालक गाड़ी को लेकर चला गया। इस दौरान हाईवे से गुजर रहे युवक ने गाड़ी का पीछा कर उसका नंबर देख लिया।
मौके पर सैकड़ों लोग इकट्ठे हो गए। लोगों ने हाईवे पर जाम लगा दिया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव कब्जे में लेने का प्रयास किया। इस दौरान लोगों की पुलिस से नोकझोंक भी हुई। लोग पुलिस से हाथापाई पर उतारू हो गए। ग्रामीणों ने शव को करीब तीन घंटे तक हाईवे पर रख कर हंगामा किया। वहां पर एडीएम डीपी सिंह ने मौके पर पहुंचकर पीड़ित परिवार को 5.30 लाख रुपये की आर्थिक मदद करने और आरोपी चालक के खिलाफ कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान पुत्र सुनील चौधान के आग्रह पर शव को हाईवे पर उठाने दिया।
बंदी वाहन के चालक के खिलाफ एफआईआर
बागपत। हादसे में गफ्फार की मौत के मामले में उनके बेटे सालिम ने कोतवाली में बंदी वाहन (यूपी16जी-0053) के चालक के खिलाफ कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई है। कोतवाली प्रभारी ने कहा गाड़ी के चालक का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
दो माह बाद होना है गफ्फार के बेटे का निकाह
बागपत। मोहम्मद अय्यूब ने बताया उसके भाई गफ्फार के डेढ़ बीघा जमीन नाम है। उनके चार बेटे सलीम, जाकिर, शहजाद, आरिफ और एक बेटी साइबा है। सलीम और जाकिर शादीशुदा है। शहजाद का दो माह बाद निकाह होना है।
खुराफातियों ने किया माहौल बिगाड़ने का प्रयास
बागपत। गफ्फार की सड़क हादसे में मौत हो जाने के बाद कई खुराफातियों ने माहौल बिगाड़ने का प्रयास किया। भीड़ को खूब उकसाया। कई महिलाओं ने तो वाहनों पर पथराव करने के लिए अपने हाथों में पत्थर भी उठा लिए थे, लेकिन पुलिस अफसरों ने सूझबुझ कर परिचय दिया और समझा-बुझाकर शांत किया।