पाई-पाई को मोहताज जिले के किसानों के 570 करोड़ रुपये वेस्ट यूपी की 16 चीनी मिलों पर बकाया है। सीएम आदित्यनाथ योगी के फैसले के बाद किसानों को भुगतान की उम्मीद बंध गई है।
सबसे ज्यादा बकाया मलकपुर चीनी मिल पर है। प्रदेश के गन्ना राज्यमंत्री सुरेश राणा ने किसानों के बकाए की रिपोर्ट तलब की है। 31 मार्च तक के आंकड़े देखें तो किसान चीनी मिलों को 846 करोड़ 67 लाख रुपये का गन्ना सप्लाई कर चुके हैं, इनमें से 275 करोड़ रुपये का अब तक भुगतान हुआ।
पिछले पेराई सत्र में भी बकाया भुगतान को लेकर किसानों ने चीनी मिलों के खिलाफ प्रदर्शन किया था। उधर, मलकपुर चीनी मिल पर पिछले पेराई सत्र का भी करीब 35 करोड़ रुपये बकाया चल रहा है।
बंद होने लगे क्रय केंद्र, हंगामा
खेतों में गन्ना खड़ा है और चीनी मिलों ने तौल केंद्र बंद करने शुरू कर दिए हैं। मोदीनगर चीनी मिल के करीब 14 तौल केंद्रों पर तौल बंद है। बृजनाथपुर और गांगनौली चीनी मिल के छह-छह और सिंभावली चीनी मिल के साथ क्रय केंद्र बंद हो गए हैं। अन्य चीनी मिलों का पेराई सत्र बंद होने की आशंका के चलते किसानों की नींद उड़ी हुई है।
किस मिल पर कितना बकाया
चीनी मिल भुगतान बकाया
बागपत 8673.76 2624.60
रमाला 8069.42 2386.58
नानौता 1156.27 726.52
मलकपुर शून्य 26761.32
किनौनी 4015.81 12193.28
भैसाना 1268.63 5181.95
सिंभावली 92.54 1116.42
दौराला 667.47 52.76
मोदीनगर 101.5 1679.73
बृजनाथपुर 156.63 999.61
नंगलामल 23.71 103.29
खतौली 764.49 79.95
मंसूरपुर 482.36 83.84
गांगनौली 243.78 2627.47
तितावी 1639.16 120.85
ऊन 238.47 334.88
(नोट: आंकड़े 31 मार्च तक, रुपये लाख में।)
वर्जन
गन्ना आयुक्त ने भुगतान की बाबत निर्देश जारी किए हैं। नियमानुसार भुगतान नहीं करने वाली चीनी मिलों पर कार्रवाई तय है।
- सुशील कुमार, जिला गन्ना अधिकारी