सांरग सिनेमा पर लगी फिल्म शोरगुल के दौरान मुस्तैद पुलिस कर्मी।
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बागपत के बड़ौत में मुजफ्फरनगर दंगों की पृष्ठभूमि पर आधारित फिल्म शोरगुल शुक्रवार को बड़ौत के सांरग सिनेमाहाल पर प्रदर्शित की गई। फिल्म से दर्शक गायब रहे। पहले दिन फिल्म के तीनों शो फ्लाप रहे। वहीं फिल्म के बीच झगडे़ की आशंका जताते हुए पुलिस प्रशासन भी मुस्तैद रहा।
हालांकि इससे पूर्व मुजफ्फरनगर जिले में सिनेमा हाल पर फिल्म लगाने को लेकर काफी विरोध हुआ। आम जनता के अलावा सामाजिक संगठनों ने फिल्म का जमकर विरोध किया। उम्मीद यह थी कि बागपत जनपद के बड़ौत शहर के सिनेमा हाल पर भी लोग फिल्म नहीं लगने देंगे। लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। पहले दिन फिल्म लगी, लेकिन न तो किसी ने विरोध किया और नहीं किसी ने फिल्म प्रदर्शन के खिलाफ आवाज उठाई। हालांकि पहले दिन ही फिल्म के तीनों शो फ्लाप साबित हुए। गिने-चुने ही दर्शक फिल्म देखने सिनेमा हाल पर पहुंचे। वहीं फिल्म के बीच कोई झगड़ा न हो जाए, पुलिस प्रशासन मुस्तैद रहा।
दर्शकों को नहीं आयी रास
बड़ौत। फिल्म का शो खत्म होने पर दर्शकों से फिल्म संबंधी बातचीत की तो दर्शक नितिन ने बताया कि फिल्म कुछ खास नहीं है। वहीं दर्शक सागर व शेखर का कहना था कि फिल्म बकवास रही। सवा दो घंटे की फिल्म में सिनेमा हाल में बैठना तक मुश्किल हो गया। टिंकू पंवार का कहना था कि फिल्म से मनोरंजन को दूर रखा गया है। मारधाड़ को केंद्रित करते हुए फिल्म बनाई गई है। यही कारण रहा कि दर्शक फिल्म देखने में रूचि नहीं ले रहे है।
पूरे दिन बिके मात्र 80 टिकट
बड़ौत। सारंग सिनेमा हाल के मैनेजर अजय शर्मा का कहना था कि उम्मीद से काफी कम दर्शक फिल्म देखने आए। पूरे दिन मात्र 80 टिकट ही दर्शकों द्वारा खरीदे गए। ऐसा ही हाल रहा तो जल्द ही दूसरी फिल्म लगानी पड़ेगी।