फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

उत्तर प्रदेश और हरियाणा के शिक्षा माफिया का गठजोड़

Wed, 24 Aug 2016 01:36 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, बागपत
विज्ञापन
विज्ञापन
बड़ौत। सेना भर्ती में पकड़े  गए मुन्ना भाइयों के पीछे यूपी और हरियाणा के शिक्षा माफिया का गठजोड़ माना जा रहा है। सोनीपत और बागपत से ही इसके तार जुड़े माने जा रहे हैं। सेना ने पकड़े युवकों को पूछताछ के बाद छोड़ दिया है, लेकिन सेना ने इस पूरे मामले की जांच भी शुरू करा दी। गाजियाबाद के एक गिरोह की भी सेना ने टोह लेनी शुरू कर दी है।
विज्ञापन


बागपत क्षेत्र शिक्षा माफिया का गढ़ रहा है। कभी बड़ौत में कोचिंग सेंटर चलाने वाले अरविंद राणा पर दो दिन पहले ही अमीन की परीक्षा का पर्चा लीक कराने का शक भी है। राणा का नाम पहली बार प्रकाश में नहीं आया है। इससे पहले भी कई प्रतियोगी परीक्षा के पेपर लीक करने के मामले में उसका नाम सामने आ चुका है, लेकिन पुलिस इसे पकड़ पाने में विफल रही है।

बागपत के शिक्षा माफिया का गठजोड़ दिल्ली, राजस्थान, गाजियाबाद और सोनीपत तक फैला हुआ है। युवकों को पास कराने के नाम पर उनसे लाखों रुपये वसूले जाते रहे हैं। माफिया ने सेना की भर्ती में सेंधमारी की जांच शुरू हो गई है। यूपी और हरियाणा के माफिया की तलाश चल रही है।
विज्ञापन


q बड़ौत की लेखपाल परीक्षा में भी हुई थी धांधली

बड़ौत। पिछले वर्ष सितंबर माह में बागपत मेें हुई पहली लेखपाल भर्ती में शिक्षा माफिया ने सोनीपत के माफिया कुलदीप से मिलकर हरियाणा के खिज्जरपुर निवासी नीरज गौतम पुत्र राममेहर को बड़ौत क्षेत्र के बामनौली गांव निवासी सहदेव तोमर पुत्र रामधन तोमर से डेढ़ लाख रुपये वसूलकर उसके स्थान पर बैठा दिया था।

पकड़े गए युवक ने हरियाणा जनपद सोनीपत के गुहाना के शिक्षा माफिया कुलदीप का नाम लिया था। इसके बाद पालीटेक्निक की प्रवेश परीक्षा में परीक्षा से पहले ही परीक्षार्थियों के मोबाइल पर व्हाहटएप पर मैसेज भेज दिया था, इस कारण परीक्षा में कुछ पेपरों को बीच में रद कराना पड़ा। 

शिक्षा माफिया दिल्ली पुलिस, एसएससी समेत अन्य भर्ती में भी सेंध लगा चुके हैं।  अब गाजियाबाद के माफिया से साठगांठ कर सेना भर्ती में सेंध लगाने का प्रयास किया गया है। एक साल पहले पुलिस ने अर्जुनपुरम में प्रवेश परीक्षा के फर्जी प्रमाण पत्र बनवाते काफी लोगों को गिरफ्तार किया था और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जेल भी भेजा था। इसके बाद भी शिक्षा माफिया बाज नहीं आ रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें