संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। सिनौली गांव में मानदेय न मिलने पर आपरेटर द्वारा गांव का पानी रोके जाने के विरोध में सोमवार को ग्रामीणों ने हंगामा किया। उन्होंने बड़ौत-छपरौली मार्ग अवरुद्ध करने का प्रयास किया। मामला बढ़ता देख ग्राम सचिव मौके पर पहुंची और आपूर्ति दुरुस्त कराकर मामला शांत किया।
ग्रामीणों ने बताया कि गांव में बने टंकी पर तैनात आपरेटर रवींद्र को एक साल से मानदेय नहीं मिला। जिस कारण उसने छह दिन पहले पूरे गांव का पानी रोक दिया। इससे गांव में पेयजल संकट गहरा गया। गांव की बहू-बेटियां को गांव के जंगल से पानी लाना पड़ रहा था। बार-बार शिकायत किए जाने के बाद भी न तो ग्राम प्रधान ने सुनवाई की और न ही ग्राम सचिव सहित अन्य अधिकारियों ने ध्यान दिया।
आरोप लगाया कि ग्राम पंचायत सदस्य राजीव कुमार ने डीएम सहित सीएम पोर्टल पर भी शिकायत की थी, लेकिन फिर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस दौरान आक्रोशित ग्रामीणों ने बड़ौत-छपरौली मार्ग को अवरुद्ध करने का प्रयास किया। मामला बढ़ता देख ग्राम सचिव पूजा तोमर मौके पर पहुंची और आपरेटर को मानदेय जल्द दिलाए जाने तथा पेयजल आपूर्ति दुरुस्त कराकर ग्रामीणों को शांत किया। ग्राम सचिव पूजा ने बताया कि गांव में अब पेयजल आपूर्ति दुरुस्त है। इस अवसर पर देवेंद्र, राजीव कुमार, प्रदीप, सुंदर, संजीव, नीटू, प्रवीण, काला, देवेंद्र आदि शामिल रहे।