बागपत। किसान दिवस पर बुधवार को विकास भवन के सभागार में बुलाई गई बैठक में हंगामा हो गया। भाकियू नेताओं व किसानों ने सभी के लिए कुर्सी न होने और अधिकारियों के नहीं पहुंचने का आरोप लगाया। किसानों ने बैठक का बहिष्कार कर दिया और जुलूस निकालते हुए कलक्ट्रेट में पहुंचकर धरने पर बैठ गए। वहीं रात में भी भाकियू कार्यकर्ताओं का धरना जारी रहा और कलक्ट्रेट में परिसर में ही कढ़ाई चढ़ा दी।
विकास भवन के सभागार में बुधवार को किसान दिवस पर बैठक के लिए किसानों को बुलाया था। किसानों के साथ बैठक करने के लिए सीडीओ, कृषि विभाग व विद्युत निगम के अधिकारी ही पहुंचे थे। सभागार में भाकियू नेता और किसान पहुंच गए, लेकिन बैठने के लिए कुर्सियां काफी कम थीं। डीएम, एडीएम, एसडीएम स्तर के अधिकारियों व अन्य विभागों के अधिकारियों के नहीं पहुंचने और कुर्सी कम होने पर किसानों ने हंगामा शुरू कर दिया।
सीडीओ विद्यानाथ शुक्ल ने उनको शांत करने का प्रयास किया, लेकिन किसान हंगामा करते हुए सभागार से बाहर निकल गए। उन्होंने किसान दिवस का बहिष्कार कर दिया। सीडीओ ने भाकियू नेताओं को मनाने का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं माने।
भाकियू के जिलाध्यक्ष प्रताप गुर्जर ने आरोप लगाया कि किसानों की सभी विभागों से जुड़ी हुई समस्याएं हैं, लेकिन किसान दिवस में कोई अधिकारी नहीं पहुंचता है। किसान जुलूस निकालते हुए कलक्ट्रेट में पहुंच गए और धरने पर बैठ गए। चेतावनी दी कि जब तक समस्याओं का समाधान नहीं होगा, तब तक धरना खत्म नहीं किया जाएगा।
भाकियू के दिल्ली एनसीआर के महासचिव प्रदीप धामा ने बताया कि देर रात किसान धरने पर बैठे थे, इस दौरान वहां पर कोई भी अधिकारी किसानों से बात करने नहीं आया। उन्होंने इस बार में भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत को भी अवगत कराया। चेतावनी दी कि किसानों की मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन किया जाएगा।
इस दौरान भाकियू के प्रदेश उपाध्यक्ष राजेंद्र चौधरी, युवा जिलाध्यक्ष हिम्मत सिंह, हरेंद्र दांगी, इंद्रपाल सिंह, तेजपाल ठाकुर, अशोक, पुनीत खोखर, आदेश त्यागी, धर्मपाल, रणविजय सिंह, चांद खान, सुरेंद्र ठेकेदार, वीरेंद्र चौधरी, तेजराम, कंवरपाल, पिंटू मौजूद रहे।
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किसान दिवस में आने चाहिए अधिकारी, समस्याओं का समाधान हो
भाकियू जिलाध्यक्ष प्रताप गुर्जर का कहना है कि किसान दिवस पर बैठक डीएम की अध्यक्षता में होनी चाहिए। क्योंकि उनके बिना एडीएम, एसडीएम व अन्य विभागों के अधिकारी नहीं आते हैं। इनके अलावा निरत पशुओं के खेतों में फसलों के नुकसान की समस्याओं का समाधान हो। शुगर मिलों पर बकाया गन्ना राशि का भुगतान किया जाए। ऊर्जा निगम की विजिलेंस पर गांवों में छापा मारकर अवैध वसूली करने का आरोप लगाते हुए उसे बंद कराने की मांग की गई। क्रेडिट कार्ड के नाम पर बैंकों में धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की गई। ट्यूबवेलों पर मीटर नहीं लगाने की मांग की गई।
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किसानों की समस्याओं का समाधान कराया जाएगा : सीडीओ
सीडीओ विद्यानाथ शुक्ल का कहना है कि सभी विभागों के अधिकारी बुलाए हुए थे। पिछले किसान दिवस में 18 शिकायतें मिली थीं, जिनका निस्तारण करा दिया था। इस बार भी किसानों की समस्याओं का समाधान कराया जाता, लेकिन वह पहले ही उठकर चले गए। उनको समझाने का प्रयास भी किया। उसके बावजूद वह बैठक में नहीं आए।
बागपत कलक्ट्रेट में डीएम कार्यालय के सामने आराम करते भाकियू कार्यकर्ता व किसान- फोटो : BAGHPAT
रूक जाओ: बागपत विकास भवन में किसान दिवस का बहिष्कार कर बाहर जा रहे भाकियू कार्यकर्ताओं को रोकते स?- फोटो : BAGHPAT
बागपत विकास भवन में किसान दिवस का बहिष्कार करने के बाद सीडीओ से भाकियू जिलाध्यक्ष प्रताप गुर्जर ?- फोटो : BAGHPAT