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शिकायत के बाद भी नहीं सुलझ रहा विवाद

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हिलवाड़ी गांव के जनता इंटर कॉलेज में जूनियर कक्षा को पढ़ाती छात्रा - फोटो : BARAUT
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बड़ौत। जनता इंटर कॉलेज हिलवाड़ी में प्रबंध समिति के अध्यक्ष, प्रधानाचार्या व शिक्षकों के बीच चल रहे विवाद का खामियाजा कॉलेज में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को उठाना पड़ रहा है। बुधवार को शिक्षकों ने कॉलेज की प्रबंध समिति के अध्यक्ष और प्रधानाचार्या पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए डीआईओएस को पत्र सौंपा। प्रबंध समिति के अध्यक्ष व प्रधानाचार्या ने भी शिक्षकों पर शिक्षण कार्य न करने का आरोप लगाते हुए डीआईओएस को शिकायत की।
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हिलवाड़ी गांव के जनता इंटर कॉलेज में शिक्षकों व प्रधानाचार्या, प्रबंध समिति व शिक्षकों के बीच काफी समय से विवाद चला आ रहा है। कोतवाली के अलावा शिक्षा विभाग के अफसरों तक भी यह विवाद पहुंच गया है, लेकिन समस्या का समाधान होता नजर नहीं आ रहा है। बुधवार को शिक्षकों ने कॉलेज पहुंचने की बजाय डीआईओएस कार्यालय पर पहुंचकर कॉलेज की प्रबंध समिति के अध्यक्ष व प्रधानाचार्या पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए डीआईओएस रविंद्र कुमार को शिकायती पत्र सौंपा।
मंगलवार को शिक्षकों ने जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय पर धरना भी दिया था। बुधवार को भी कॉलेज के आठ शिक्षक नदारद रहे। जिस कारण पूरे दिन कॉलेज में शिक्षण कार्य प्रभावित रहा। कॉलेज में उत्पन्न हुई स्थिति को देखते हुए खुद ही सीनियर छात्रों ने जूनियर छात्रों का कोर्स कराने की जिम्मेदारी उठा ली और पढ़ाई कराई।
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झूठा आरोप लगाते हुए शिकायत की
प्रबंध समिति के अध्यक्ष सुदेश और प्रधानाचार्या राजेश कुंडू का कहना है कि कॉलेज में लगभग आठ शिक्षक हैं, लेकिन जब भी उन्हें पढ़ाने के लिए कहा जाता है तो वे मनमानी पर उतारू हो जाते हैं। हम पर उत्पीड़न का झूठा आरोप लगाते हुए शिकायत की गई है। छात्रों का भविष्य खराब नहीं होने दिया जाएगा। डीआईओएस को इस समस्या से अवगत कराया जा चुका है। उधर, शिक्षकों का कहना है कि कॉलेज में शिक्षकों पर अनावश्यक दबाव बनाया जा रहा है, शिक्षकों का मानसिक उत्पीड़न किया जा रहा है, इस संबंध में डीआईओएस से शिकायत की जा चुकी है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
डीआईओएस ने जांच कराने की बात कही
डीआईओएस रविंद्र कुमार ने जांच कराने की बात कहते हुए पल्ला झाड़ लिया। उधर अभिभावक अपने बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित हैं। अभिभावकों में दिनेश, सुनील, प्रमोद, जयपाल, राजवीर आदि का कहना है कि यदि इस समस्या का जल्द समाधान नहीं निकाला तो आंदोलन शुरू करेंगे।
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