बागपत। पंजाब और भोपाल जेल से भागे आतंकवादियों से लखनऊ में बैठे अफसर टेंशन में आ गए हैं। प्रमुख सचिव देवाशीष पंडा ने जेलों की सुरक्षा बढ़ाने और बंदियों पर नजर रखने के निर्देश दिए। बताया गया कि बंदी मोबाइल का इस्तेमाल न कर पाए।
कारागारों में बंदियों को छूट मिलती है। वे मोबाइल का इस्तेमाल ही नहीं अन्य प्रतिबंधित सामग्री का भी प्रयोग करते हैं। इसी का नतीजा है कि बड़े-बड़े शातिर अपराधी जेलों से आसानी से फरार हो रहे हैं। पंजाब की नाभा जेल से छह आतंकवादियों को 27 नवंबर को अपराधी आसानी से छुड़ाकर ले गए। इससे पहले भोपाल जेल से आतंकी फरार हो चुके हैं। इससे शासन-प्रशासन टेंशन में आ गया है। प्रमुख सचिव देवाशीष पंडा ने पुलिस और प्रशासनिक अफसरों को पत्र लिखकर अवगत कराया कि प्रदेश की सभी जेलों के अंदर और बाहर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जाएं।
जेल में बंद अपराधियों पर नजर रखी जाएं। जेल अफसर प्रतिदिन जेल का निरीक्षण करें। जेल में अपराधी मोबाइल और अन्य प्रतिबंधित सामग्री का इस्तेमाल न कर पाएं। पेशी, अस्पताल या अन्य स्थानों पर बंदियों को ले जाते समय पर्याप्त पुलिस साथ रहे, ताकि रास्ते से अपराधी न भाग सकें। जेल में कैमरों की व्यवस्था की जाएं और समय-समय पर उनका निरीक्षण किया जाए। जेल का निरीक्षक भी होना चाहिए। एसपी अजय शंकर राय का कहना है कि जेल की सुरक्षा के संबंध में दिए गए निर्देशों का पालन किया जाएगा।
जेल में मोबाइल के इस्तेमाल का हो चुका खुलासा
जिला कारागार में मोबाइल का इस्तेमाल हुआ। इसका खुलासा हो चुका है। आरोपी अपराधी के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज हुआ।