उत्तर प्रदेश के बागपत में कोरोना संक्रमण के साथ साथ जानलेवा बुखार से लोगों में दहशत फैली हुई है। जिले में जानलेवा बुखार से अब तक तकरीबन 40 मौत हो चुकी हैं। अमीनगर सराय कस्बे में सोमवार को कोरोना से दो और बुखार से तीन लोगों की मौत हो गई। एक दिन में पांच मौत होने से कस्बे के लोगों में दहशत फैल गई। स्वास्थ्य विभाग की उदासीनता को लेकर लोगों में रोष है।
कस्बे के सरस्वती विद्या मंदिर के प्रधानाचार्य हरिहर शर्मा की कोरोना पॉजीटिव रिपोर्ट आने पर कुछ दिन पूर्व पिलखुवा के अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनकी तबियत में कोई सुधार नहीं हुआ और सोमवार को उनका निधन हो गया। उनका मौत से कस्बे के लोगों में शोक की लहर दौड़ गई।
इसके अलावा मेरठ में भर्ती कराए गए 32 वर्षीय युवक की भी फेफड़ों में इंफेक्शन की वजह से मौत हो गई। दोनों के शव अस्पताल से एंबुलेंस में सीधे श्मशान पहुंचे और कोरोना प्रोटोकॉल के तहत उनका अंतिम संस्कार किया गया। कस्बे में एक महिला समेत तीन लोगों की बुखार से मौत हो गई। सभी परिवारों में कोहराम मचा है।
इससे पहले शनिवार को बालैनी थाना क्षेत्र में बुखार से एक ही दिन में छह लोगों की मौत हो गई। पिलाना गांव में सतवीर (65) पुत्र बीरबल त्यागी, सुभाष त्यागी (58), प्रेम चंद जाटव (60) ने बुखार से दम तोड़ दिया। मेरठ-बागपत हाइवे के निर्माण में रोडी प्लांट सिंघावली पावर हाउस पर अमित सोम (40) अकाउंटेंट निवासी गाजियाबाद भी कई दिनों से बुखार से पीड़ित था। अमित सोम ने दोपहर प्लांट में आखिरी सांस ली।
सांकलपुट्टी गांव निवासी 70 वर्षीय कृपाल की भी बुखार के चलते मौत हो गई। दत्तनगर गांव में कृष्ण पुत्र मिठू गिरी की शनिवार सुबह बुखार से हो गई। शुक्रवार को पिलाना निवासी शांति देवी और सिखेड़ा निवासी सईद की बुखार से मौत हो गई थी। इसके अलावा बागपत के गांव अब्दुल्लापुर मेवला गांव में 55 वर्षीय शौकीन की बुखार से मौत हो गई थी। उधर, रोशनगढ़ गांव में 64 वर्षीय नवाब कश्यप लंबे समय से सांस की बीमारी से पीड़ित थे। उनकी भी शनिवार को मौत हो गई।
सांस की दिक्कत के चलते पुत्र के तीन बाद मां ने भी दम तोड़ा
दोघट थानाक्षेत्र के भड़ल गांव में 3 दिन पूर्व सांस की दिक्कत के चलते मोनू ठेकेदार की मृत्यु हो गई थी। रविवार को उनकी माता शरबती की तबीयत खराब हो गई और उन्हे मेरठ के हॉस्पिटल में भर्ती किया गया। जहां उनकी मृत्यु हो गई। एक परिवार से 2 लोगों की मृत्यु से गांव में हडक़ंप मच गया है। गांव में चार पांच लोग कोरोना से पीड़ित है और उनका इलाज चल रहा है।
चौगामा विकास ट्रस्ट के अध्यक्ष जगपाल सिंह ने जिलाधिकारी को फोन कर गांव में सैनिटाइजेशन कराने की मांग की है। साथ ही गांव में चर्म संशोधन इकाईयों के प्रदूषित पानी को रोकने की भी ग्राम वासियों ने मांग की है। इस दूषित पानी से गांव में तरह-तरह की बीमारियां फैल रही है। इसके अलावा निरपुड़ा निवासी एक व्यक्ति की कोरोना संक्रमण से मौत हो गई। वहीं एक महिला को मेरठ के चिकित्सकों ने जवाब दे दिया। उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।
कोरोना से लायंस क्लब के पदाधिकारी समेत दो की मौत
कोरोना संक्रमण से अग्रवाल मंडी टटीरी निवासी लायंस क्लब के पदाधिकारी व पेट्रोल पंप व्यवसायी मनीष जैन का निधन हो गया। उनके निधन से क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
लायंस क्लब के पदाधिकारी व जौली पेट्रोल पंप के स्वामी मनीष जैन का कोरोना से मेरठ के अस्पताल में निधन हो गया। उनके निधन के समाचार से लायंस क्लब अग्रवाल मंडी ने शोक व्यक्त किया। अभिमन्यु गुप्ता, पंकज गुप्ता, ईश्वर अग्रवाल, हंसराज गुप्ता, प्रवीण गुप्ता, दीपक गोयल, राजीव गर्ग, जेएस शर्मा आदि ने शोक व्यक्त किया। उनके परिवार में कोहराम मचा है।
चौहलदा निवासी रघुनाथ की पत्नी 77 वर्षीय रामरती पत्नी रघुनाथ ने कोरोना संक्रमण के चलते होने पर सोमवार को दम तोड़ दिया। रघुनाथ के चचेरे भाई मास्टर प्रभु दयाल ने बताया कि रामरती को 7 दिन पूर्व बुखार की शिकायत हुई थी। प्राइवेट डॉक्टर को दिखाया गया 2 दिन आराम न होने पर रामरती को बागपत के एक निजी चिकित्सक के यहां ले गए।
चिकित्सक ने पहले कोरोना टेस्ट कराने को कहा। जिला अस्पताल में हुए टेस्ट की रिपोर्ट पॉजीटिव आई। तीन दिन पूर्व उन्हें खेकड़ा के कोविड-19 अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। चल रहा था आज रामरति ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। उनके निधन से गांव में शोक छा गया।