देवबंद एटीएस ने शहरी क्षेत्र में दबिश देकर मुफ्ती जाकिर को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि वह पाकिस्तान के कुछ संदिग्ध लोगों के संपर्क में था। सोशल मीडिया के माध्यम से आपत्तिजनक सामग्री साझा कर रहा था, जिससे क्षेत्र में सांप्रदायिक तनाव फैलने की आशंका जताई जा रही थी। आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।
देवबंद एटीएस को इस संबंध में पहले से ही खुफिया इनपुट मिल रहे थे। इनपुट के आधार पर टीम ने निगरानी बढ़ाई और पुख्ता सबूत मिलने के बाद शहरी क्षेत्र में दबिश दी। ओम विहार कॉलोनी मिल फाटक से नखासा बाजार निकट इस्लामिया शिफा खाना गली निवासी मुफ्ती जाकिर को घेरकर गिरफ्तार किया और अपने साथ ले गई। उसके पास से मिले मोबाइल फोन में भड़काने वाले मेसेज मिले।
सोशल मीडिया के माध्यम से सीएए, एनआरसी, यूजीसी, एसआईआर, राम मंदिर निर्णय, आई लव मोहम्मद के प्रदर्शन में की गई कार्यवाही आदि का विरोध जाहिर करते हुए लोगों को भड़काने की पोस्ट और मेसेज मिले हैं। वह जेएनयू के छात्र उमर खालिद की वीडियो देखकर उससे प्रेरित है। मुफ्ती जाकिर बड़े उलमा व राजनेता हिंदू-मुस्लिम एकता की बात करने वालों का भी विरोधी है।
शुरुआती जांच में सामने आया कि वह पाकिस्तानी नंबरों के संपर्क में था। एटीएस इस बात की भी जांच कर रही है कि उसके संपर्क में और कौन-कौन लोग थे और क्या यह कोई बड़ा नेटवर्क तो नहीं है। उसके मोबाइल नंबरों से भी पता लगाया जा रहा है कि वह किनके संपर्क में रहता था। फिलहाल एटीएस की टीमें मामले की गहराई से जांच में जुटी हैं। स्थानीय पुलिस को भी अलर्ट पर रखा गया है। संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है।
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