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UP: अलंकार अग्निहोत्री बोले- 2027 के चुनावों के लिए साजिश के तहत लाया गया यूजीसी एक्ट, सरकार को दी ये चेतावनी

Mon, 09 Feb 2026 05:06 PM IST
मोहम्मद मुस्तकीम अमर उजाला नेटवर्क, बागपत

सार

Baghpat News: बरेली के पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री बड़ौत आवास कॉलोनी में नीरज वत्स के आवास पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि सात दिन में अगर यूजीसी एक्ट वापस नहीं लिया गया, तो वे बड़ा आंदोलन करेंगे। 
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बड़ौत पहुंचे अलंकार अग्निहोत्री। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के कथित अपमान और यूजीसी एक्ट के विरोध में इस्तीफा देने वाले बरेली के पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री सोमवार को बड़ौत पहुंचे। उन्होंने कहा कि यूजीसी एक सोची समझी साजिश है, जो कि यूपी के अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को साधने का जरिया है। 
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बड़ौत स्थित आवास कॉलोनी निवासी नीरज वत्स के आवास पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए, अलंकार अग्निहोत्री ने कहा कि वे दो-तीन दिन में योजना बनाकर शंकराचार्य से मिलने जाएंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल शंकराचार्य की ओर से दिए जाने वाले किसी भी पद को स्वीकार करने का उनका कोई इरादा नहीं है।
 

अग्निहोत्री ने यूजीसी (विश्वविद्यालय अनुदान आयोग) एक्ट को 2027 के विधानसभा चुनावों से जोड़ते हुए इसे सोची-समझी साजिश करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि जो लोग भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का विरोध करते हैं, उन्हें प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) और आयकर विभाग जैसी एजेंसियों के माध्यम से प्रताड़ित किया जाता है। इसके विपरीत, जब वे लोग सरकार का समर्थन करते हैं, तो सब कुछ ठीक हो जाता है।
 

बताया कि उन्होंने सरकार से यूजीसी एक्ट को वापस लेने की मांग की थी, लेकिन 26 जनवरी तक कोई कार्रवाई न होने पर उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। अग्निहोत्री के अनुसार, उनका इस्तीफा एक संदेश देने के उद्देश्य से था, जिसे लोगों ने समझा और लगभग 1400 संगठनों ने उनके समर्थन में आवाज उठाई। अग्निहोत्री ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सात दिनों के भीतर विशेष संसदीय सत्र बुलाकर इस मुद्दे पर कोई फैसला नहीं लिया जाता है, तो वे आंदोलन की राह अपनाएंगे और दिल्ली की ओर कूच करेंगे।
 

इस अवसर पर भाजपा नेता दीपक शर्मा ने चंद्रशेखर आजाद का उदाहरण देते हुए कहा कि जब पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने उन्हें एक रैली में जाने से रोका था, तो चंद्रशेखर ने तमाम अधिकारियों के खिलाफ हरिजन एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराने की धमकी दी थी। शर्मा ने दावा किया कि 95 प्रतिशत शिकायतें फर्जी होती हैं, जिनके चलते सामान्य वर्ग के ब्राह्मण, क्षत्रिय, कायस्थ, वैश्य, भूमिहार और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लोगों को प्रताड़ित किया जाता है और उनसे पैसों की वसूली की जाती है। बैठक में राधेश्याम एडवोकेट और भाजपा नेता दीपक शर्मा सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
 
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अलंकार अग्निहोत्री ने क्यों दिया इस्तीफा
बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट पद से पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री ने सरकारी नीतियों, खासकर नए UGC नियमों से गहरे मतभेद का हवाला देते हुए इस्तीफा दिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में लंबे समय से ब्राह्मण विरोधी अभियान चल रहा है। जेल में डिप्टी जेलर ने एक ब्राह्मण को पीट-पीटकर मार डाला। अविमुक्तेश्वरानंद जी महाराज के शिष्यों को बुरी तरह पीटा गया। दूसरा मुद्दा UGC 2026 का नियम है।


 
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