बागपत के बड़ौत में एक फरवरी के अमर उजाला अंक में प्रमुखता से प्रकाशित खबर छोटी दूरी के यात्रियों से परिचालक कर रहे अवैध वसूली से रोडवेज के अफसरों में हड़कंप मच गया। मामले को गंभीरता से लेकर अफसरों ने रविवार की देर शाम बड़ौत-मुजफ्फरनगर मार्ग पर चलने वाली बसों मेें चेकिंग की। इस दौरान मुजफ्फरनगर से बड़ौत आ रही बड़ौत डिपो की एक बस में 22 यात्री बेटिकट पकड़े गए। इस पर एआरएम ने परिचालक को हड़काकर संविदा खत्म कर दी। इससे चालक और परिचालकों में हड़कंप मच गया।
पिछले कई महीनों से चालक और परिचालक मिलीभगत कर बड़ौत डिपो की बसों में छोटी दूरी के यात्रियों से रुपये लेकर टिकट न देने के बहाने हर माह रोडवेज को लाखों रुपये का चूना लगा रहे हैं। रुपये लेकर टिकट न देने पर जहां यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था, वहीं रोडवेज को भी हर माह लाखों का राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा था। इस दौरान जो यात्री इसका विरोध करता था, उसे बीच सड़क पर उतार दिया जाता था। यात्रियों ने कई बार रोडवेज के अफसरों से शिकायत भी की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
क्षेत्रीय यात्रियों की इस प्रमुख समस्या को अमर उजाला ने एक फरवरी के अंक मेें प्रमुखता से प्रकाशित किया तो रोडवेज अफसरों में हड़कंप मच गया। मामले को गंभीरता से लेकर एआरएम रामगोपाल और स्टेशन प्रभारी अजय सक्सेना के नेतृत्व में गठित टीम ने बड़ौत-मुजफ्फरनगर मार्ग पर चलने वाले बसों में चेकिंग की। इस दौरान रोडवेज अफसरों ने मुजफ्फरनगर से बड़ौत आ रही बस नंबर यूपी 17 टी 0994 में चेकिंग की तो 22 यात्री बेटिकट पकड़े । इस पर हापुड़ निवासी परिचालक सचिन चौधरी को हड़काया और तत्काल प्रभाव से उसकी संविदा समाप्त कर दी। स्टेशन प्रभारी अजय सक्सेना ने कहा लापरवाही बर्दास्त नहीं होगी।