किसानों ने बताया कि इस समय सरसों की कटाई का काम तेजी से चल रहा है। वहीं बारिश होने से गेहूं की फसल प्रभावित भी हो रही है। इससे दाने काले पड़ने का खतरा बना हुआ और कई स्थानों पर तेज हवा के कारण फसल गिर गई है। वहीं बारिश होने के कारण जगह-जगह जलभराव व कीचड़ होने के कारण लोगों को काफी परेशानी हुई। अधिकतम तापमान 25 डिग्री तो न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
बारिश का चीनी मिल पर पड़ा असर, एक घंटा रही बंद
बारिश का असर अब चीनी मिलों पर भी पड़ने लगा है। सोमवार दोपहर एक बजे के करीब चेन उतरने के कारण मिल बंद हो गई थी, जिसके चलते किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
इतना ही नहीं दिन में कई बार पांच-पांच मिनट को मिल बंद रही। यदि बारिश होने का सिलसिला जारी रहा तो पेराई बंद हो सकती है। वहीं मिल के प्रधान प्रबंधक प्रदीप कुमार ने बताया कि दोपहर में एक घंटा मिल बंद होने से थोड़ी परेशानी हुई थी। इसके बाद मिल सही से चल रही है।
आम के बौर पर फफूंदी रोग तो सब्जियों को भी पहुंचा नुकसान
बारिश के कारण सब्जियों के साथ ही अब आम के बौर पर भी रोग लगने का खतरा बढ़ गया है। किसान हरिओम, रहीस, महताब, चंद्रपाल, विनोद, इमरान आदि ने बताया कि सरसों की फसल खेतों में पककर तैयार खड़ी है और बारिश के कारण फसल खेतों में गिरनी शुरू हो गई है।
तेज हवा के कारण गेहूं को भी 20 फीसदी नुकसान पहुंच रहा है। इसके अलावा आलू, टमाटर, खीरा, लौकी आदि सब्जियों की फसल में भी गलन रोग लगने का खतरा बना हुआ और सब्जियों की फसल में 30 फीसदी नुकसान हुआ है। वहीं बारिश के कारण आम बौर पर फफूंदी रोग लगने की आशंका बनी हुई है।
हबीब चौहान, जावेद चौधरी, सुखबीर ने बताया कि बारिश से आम की फसल प्रभावित होगी। वहीं कृषि वैज्ञानिकों ने कीटनाशक दवाई का छिड़काव करने की सलाह दी।
गेहूं व सरसों की फसल तैयार खड़ी हुई है। सरसों की फसल को किसान काटने लगे हैं। बेमौसम तेज हवाओं के साथ बारिश से गेहूं और सरसों की फसल खेतों में गिर गई है, जिससे दाना काला पड़ने का डर बना हुआ है। -चंद्रपाल यादव, लहचौड़ा
बारिश से आम के बौर में फंगस, हॉपर कीट लगने का खतरा बना हुआ है। यदि लगातार बारिश होती रही तो इस बार आम की अधिक पैदावार नहीं होगी। आम को बचाने के लिए किसान सल्फर का छिड़काव कर रहे हैं। -हबीब चौहान, रटौल
बारिश से गेहूं व सरसों की फसल में नुकसान दिख रहा है। सब्जियों की फसल को बचाने के लिए किसानों को खेतों में पानी निकासी की व्यवस्था करनी चाहिए। -बाल गोविंद यादव, जिला कृषि अधिकारी