शनिवार की सुबह छाया घना कोहरा बना हादसों की वजह, दृश्यता थी काफी कम
पहला हादसा सिंगौली तगा में हुआ, जिसमें 15 वाहन आपस में टकरा गए
दूसरा हादसा यमुना पुलिस के पास हुआ, जिसमें बस ने दो युवकों को कुचल दिया
अमर उजाला ब्यूरो
बागपत/चांदीनगर। घने कोहरे के कारण ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे पर शनिवार को हुए दो हादसों में दो युवकों की मौत हो गई जबकि आठ लोग घायल हुए हैं। पहला हादसा कोहरे के कारण सिंगौली तगा के निकट हुआ। इसमें 15 वाहन आपस में भिड़ गए, जिसमें सात लोग घायल हो गए। दूसरा हादसा यमुना नदी के पुल के पास हुआ। सोनीपत से लौट रहे बाइक सवार युवकों को बस ने कुचल दिया। दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक की हालत गंभीर बनी हुई है।
ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे पर पहला हादसा शनिवार की सुबह करीब आठ बजे हुआ। गाजियाबाद के नहाल मसूरी निवासी जुल्फिकार पुत्र रफीक और हकीकत पुत्र निजाम शनिवार को हरियाणा से लौट रहे थे। घना कोहरा होने के कारण ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे पर उनकी कार ट्रक से टकरा गई। हादसे में हकीकत, जुल्फिकार घायल हो गए। इसके अलावा अन्य वाहन टकराए, जिनमें सवार सोनीपत निवासी नकुल व उसकी माता सविता व पंजाब निवासी हरबीर, सोनू, अंजना घायल हो गए। हादसे में कुल सात लोग घायल हुए। मौके पर पहुंची पुलिस ने घायलों को गाजियाबाद के निजी अस्पताल में भर्ती कराया। साथ ही क्षतिग्रस्त वाहनों को हाईवे किनारे करवा कर यातायात सुचारु कराया।
दूसरा हादसा भी कोहरे के कारण यमुना नदी के पुल के पास हुआ। बागपत के नंगला बहलोलपुर गांव निवासी रजत वशिष्ठ (20) पुत्र अशोक शर्मा, दीपक कुमार (23) और सचिन यादव (24) पुत्र तेजपाल शनिवार सुबह तीनों युवक एक ही बाइक से सोनीपत से लौट रहे थे। यमुना पुल के पास बस ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी। हादसे में बस के कुचले जाने के कारण रजत की मौके पर ही मौत हो गई जबकि सचिन और दीपक गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया और घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने घायलों को दिल्ली के लिए रेफर कर दिया। दिल्ली में उपचार के दौरान सचिन ने भी दम तोड़ दिया। युवकों की मौत से दोनों के परिवारों में कोहराम मच गया।
रजत के पोस्टमार्टम में देरी पर हंगामा
बागपत। नंगला बहलोलपुर गांव के रजत की मौत के बाद पोस्टमार्टम में देरी होने पर परिजनों ने सीएमओ कार्यालय पहुंचकर हंगामा किया। नरेश कुमार, अशोक, हरिचंद, किरण, रमेश राहुल, राजीव, राकेश, कालू, हरिओम, नितिन, सत्यम, मौजूद रहे। ग्रामीणों का कहना था कि डॉक्टर संवेदना का परिचय नहीं दे रहे हैं।
दो घरों के चिराग बुझ जाने से नंगला गांव में गम
बागपत। दो घरों के चिराग बुझ जाने से नंगला बहलोलपुर गांव में गम का माहौल है। पीड़ित परिवारों के घर पर सांत्वना देने वालों का तांता लगा रहा। परिजनों ने बताया कि रजत और सचिन सोनीपत में एक फैक्टरी में काम करते थे। दीपक भी इसी फैक्टरी में काम करता है। फैक्टरी में काम खत्म कर ही तीनों एक ही बाइक से लौट रहे थे।