संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। हाईकोर्ट से गिरफ्तारी स्टे निरस्त होने पर एक दिन पहले जेल गए सपा नेता व पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष ओमकार यादव समेत दो को कोर्ट से जमानत मिल गई है।
मेरठ जिले के डालूहेड़ा गांव में दो पक्षों में विवाद के बाद लोगों ने समझौता कर लिया था। पुलिस ने उनके घरों पर उत्पात मचाया था। पुलिस पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए इसके विरोध में 22 अगस्त 2001 को बालैनी के श्रीकृष्ण इंटर कॉलेज में महापंचायत हुई थी। इससे सभी लोग बागपत-मेरठ हाईवे पर पहुंच गए और उसे जाम कर दिया था। जहां पुलिस व ग्रामीणों में टकराव हो गया था। पथराव, फायरिंग व आगजनी में दानवीर यादव निवासी सिंघावली अहीर और राजू शर्मा निवासी बालैनी की मौत हो गई थी।
इस मामले में बालैनी थाने के तत्कालीन प्रभारी सतीश राय ने सपा नेता व जिला पंचायत अध्यक्ष रहे ओमकार यादव, जिला पंचायत उपाध्यक्ष दीपक यादव, पूर्व प्रमुख महेंद्र सिंह, दानवीर, राजू शर्मा, धनपाल निवासी नंगला बहलोलपुर, हरवीर, मनोज यादव, नरेंद्र यादव, निवासीगण बालैनी, रामकिशन यादव निवासी सैड़भर, रामपाल यादव निवासी सिंघावली अहीर, अनिल कंसल निवासी कुराली जिला मेरठ के अतिरिक्त करीब 2500 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।
इस मामले में हाईकोर्ट से गिरफ्तारी स्टे खत्म होने के कारण पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष ओमकार यादव व रामकिशन यादव ने सीजेएम कोर्ट में सरेंडर किया। उन्हें जेल भेज दिया गया था। सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष संजीव यादव ने बताया कि उनकी जमानत याचिका जिला एवं सत्र न्यायाधीश की कोर्ट में दायर की गई। जिस पर मंगलवार को सुनवाई के बाद ओमकार यादव व रामकिशन की जमानत याचिका मंजूर की गईं।