बागपत में स्वास्थ्य महकमा जानलेवा बुखार पर कंट्रोल पाने में पूरी तरह से नाकाम साबित हो गया है। बुधवार को भी हमीदाबाद गांव में आठ माह के मासूम साजिक तथा जवाहरपुर मेवला गांव में बुखार से पीड़ित कोमल की मौत हो गई। गांवों में सैकड़ों की संख्या में लोग बीमार हैं। स्वास्थ्य विभाग इनसे पूरी तरह से बेखबर है।
बागपत शहर से सटे हमीदाबाद उर्फ नयागांव के महबूब ने बताया कि सादिक का आठ माह का बेटा साजिक, पिछले पांच दिन से बुखार से पीड़ित था। परिजनों ने उसका पहले गांव के चिकित्सक से उपचार कराया। हालत में सुधार न होने पर उसे बागपत चिकित्सक को दिखाया था।
रविवार सुबह उसकी अचानक हालत बिगड़ गई। कुछ ही देर बाद उसकी मौत हो गई। इसके अलावा जवाहरपुर मेवला गांव की कोमल (12) पिछले कई दिनों से बुखार से पीड़ित थी। उसका दिल्ली अस्पताल में उपचार चल रहा था। बुधवार को उसकी उपचार के दौरान मौत हो गई।
इस घटना से परिवार के सदस्यों पर गम का पहाड़ टूट पड़ा है। लोगों का कहना है कि गांव में काफी लोग बुखार से पीड़ित है। स्वास्थ्य विभाग द्धारा न कैंप लगाया जा रहा है और न ही कीटनाशक दवाई का छिड़काव किया जा रहा है। इससे वे काफी दहशत में है।
इस बारे में सीएमओ डाक्टर रविंद्र कुमार मिश्र का कहना है कि गांव में टीम भेजकर जांच कराई जाएगी। गांवों में कैंप तथा कीटनाशक दवाई का लगातार छिड़काव कराया जा रहा है।
घर-घर में लोग बीमार
बागपत। सरूरपुर गांव के लोगों का कहना है कि गांव में बच्चे समेत दो लोगों की बुखार मौत हो चुकी है। घर-घर में लोग बुखार से पीड़ित है।
इसके बावजूद गांव में न स्वास्थ्य कैंप लगाया गया है और न ही कीटनाशक दवाई का छिड़काव किया गया है। इससे ग्रामीणों में दहशत बनी हुई है। उन्होंने इसकी अधिकारियों से शिकायत की है।
इस मौके पर सत्यवीर, पप्पू, नरेंद्र, अमरदीप, सुभाष नैन आदि मौजूद रहे।